प्रतिनिधि झुमरीतिलैया मॉडर्न पब्लिक स्कूल में नशा मुक्ति पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को अफीम, ब्राउन शुगर, हेरोइन और गांजा जैसे मादक पदार्थों के घातक परिणामों से अवगत कराना तथा उन्हें नशे से दूर रखना था. विद्यालय प्रांगण में छात्र-छात्राओं ने रंग-बिरंगे पोस्टरों के माध्यम से नशा विनाश का द्वार है का संदेश दिया. इसके बाद नारा लेखन प्रतियोगिता में बच्चों ने जिंदगी से नाता जोड़ो, नशे को जड़ से छोड़ो जैसे प्रेरक नारे लिखकर सभी का ध्यान आकर्षित किया. प्राचार्य गुरुचरण वर्मा ने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को तोड़ देता है. यह हमारे सपनों और भविष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है. उन्होंने कहा कि विकसित झारखंड का सपना तभी पूरा होगा जब युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी. मंच से ही उन्होंने विद्यालय परिवार को नशा न करने और न करने देने की सामूहिक शपथ दिलायी. निदेशिका संगीता शर्मा ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए घर सबसे पहली पाठशाला है. माता-पिता बच्चों के दोस्त बनें, उनकी परेशानियां सुनें और संवाद से समाधान निकालें. उन्होंने यह भी कहा कि केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि पीड़ितों के लिए काउंसलिंग और पुनर्वास केंद्र भी जरूरी हैं. संचालन शिक्षक संदीप सिन्हा ने किया.
मॉडर्न में नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम
प्रतिनिधि झुमरीतिलैया मॉडर्न पब्लिक स्कूल में नशा मुक्ति पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को अफीम, ब्राउन शुगर, हेरोइन और गांजा
