प्रतिनिधि, झुमरीतिलैया बैड बाजा और बाराती के साथ वैवाहिक मुहूर्त 20 अप्रैल से शुरू हुआ. अप्रैल और मई माह में विवाह के लिए 8-8 शुभ मुहूर्त हैं, 17 मई से 15 जून तक अधिकमास होने के कारण मांगलिक कार्य पर विराम रहेगा. उसके बाद 19 जून से फिर से वैवाहिक मुहूर्त शुरू होगा. जून में 9 और जुलाई माह में 5 शुभ मुहूर्त रहेंगे.इधर, खरमास समाप्त होने व लग्न का सीजन शुरू होते ही दुकानदारों को अच्छी बिक्री शुरू हो चुकी है. कपड़ा, गहना, बर्तन, फर्नीचर और सजावटी सामान की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है. व्यापारियों का कहना है कि 20 अप्रैल के बाद से विवाह सीजन जोर पकड़ लेगा, जिससे कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है. वहीं टेंट, बैंड बाजा, कैटरर, हलवाई और खाना बनाने वाले कारीगरों को कारोबार शुरू होने की उम्मीद प्रबल है. इसके अलावा ट्रेनों में भी भीड़ देखी जा रही है. बसों और छोटे वाहनों की बुकिंग की जा रही है, ताकि वर वधू के साथ-साथ बाराती और साराती के आवागमन में कोई परेशानी नहीं हो. शादी विवाह को लेकर ध्वजाधारी धाम, झरनाकुंड धाम और गायत्री मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी शादी विवाह के लिए लोगों की जुटान होगी. शादी के शुभ मुहूर्त अप्रैल – 20, 21, 23, 25, 26, 28, 29 व 30, मई- 1, 19, 21, 22, 24, 25, 27, 29 व 30, जून- 01, 03, 05, 06, 07, 11, 12 व 14, जुलाई- 01, 05, 06, 07 व 11 तक.
बैंड बाजा और बाराती की धूम, बाजार में लौटी रौनक
बैड बाजा और बाराती के साथ वैवाहिक मुहूर्त 20 अप्रैल से शुरू हुआ
