झुमरीतिलैया : शहर की साफ सफाई दुरुस्त करने को लेकर नगर पर्षद लगातार संसाधनों की वृद्धि पर जोर दे रहा है. अलग-अलग पैमाने पर स्वच्छता अभियान में अच्छी रैंकिंग के साथ ही शहर के हर गली मोहल्लों को स्वच्छ सुंदर बनाने को लेकर पदाधिकारी व कर्मी लगे हैं. हालांकि, इस अभियान में पूरी सफलता नहीं मिल पा रही है.
साफ-सफाई को लेकर सिस्टम के भरोसे शहर
झुमरीतिलैया : शहर की साफ सफाई दुरुस्त करने को लेकर नगर पर्षद लगातार संसाधनों की वृद्धि पर जोर दे रहा है. अलग-अलग पैमाने पर स्वच्छता अभियान में अच्छी रैंकिंग के साथ ही शहर के हर गली मोहल्लों को स्वच्छ सुंदर बनाने को लेकर पदाधिकारी व कर्मी लगे हैं. हालांकि, इस अभियान में पूरी सफलता नहीं […]

जानकारी के अनुसार नगर पर्षद के पदाधिकारियों के साथ ही 100 से ज्यादा सफाईकर्मी शहर के कोने-कोने को स्वच्छ व सुंदर बनाने को लेकर प्रयासरत है. डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से लेकर रात्रि कालीन सफाई अभियान पिछले कई वर्षों से चलाया जा रहा है. अलग अलग शिफ्ट में नगर पर्षद के सफाईकर्मी हर गली मोहल्ले में घूम-घूम कर कूड़ा कलेक्शन के साथ ही स्वच्छता का अलख जगाने का कार्य कर रहे हैं.
बावजूद लोगों में स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूकता की कमी देखी जा रही है. आज भी कई ऐसे लोग हैं जो कूड़ेदान को छोड़ सड़कों पर ही कचरा फेंक देते हैं. यही नहीं नगर पर्षद द्वारा लोगों को सूखा व गीला कचड़ा अलग-अलग रखने को लेकर डस्टबीन तो दिया गया है, पर इसका सही प्रयोग नहीं हो रहा है.
ऐसे में कहा जा सकता है कि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह नगर पर्षद के संसाधनों पर टिकी है. सफाई कार्य करने वाली केएमएसडब्ल्यू के प्रबंधक प्रवीण शंकर ने बताया कि हमारे पास 80 सफाईकर्मी हैं, जबकि नगर पर्षद के पास 70 कर्मी हैं.
सभी मिलकर सफाई कार्य करते हैं. लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है. इधर, शहर को स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए नगर पर्षद द्वारा कूड़ों का ढ़ेर बने कुछ जगहों पर आकर्षक फुहारों के साथ फूलों व पौधों का बगान बनाया गया है. डाकघर के समीप आकर्षक बागान बनाया गया है, तो वहीं ब्लॉक रोड के मुहाने सहित अन्य चौक-चौराहों पर इसी तरह की व्यवस्था करने की तैयारी है.