दही-चूड़ा खाया, फिर लिया पतंगबाजी का आनंद

झुमरीतिलैया : जिले भर में मकर संक्रांति का त्योहार बुधवार को श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया. सर्वप्रथम अहले सुबह पवित्र स्नान के बाद लोगों ने पूजा-अर्चना की. पर्व को लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष चहल-पहल दिखी. राम मंदिर, काली मंदिर, शनि मंदिर, हनुमान मंदिर के अलावा अन्य प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं […]

झुमरीतिलैया : जिले भर में मकर संक्रांति का त्योहार बुधवार को श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया. सर्वप्रथम अहले सुबह पवित्र स्नान के बाद लोगों ने पूजा-अर्चना की. पर्व को लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष चहल-पहल दिखी. राम मंदिर, काली मंदिर, शनि मंदिर, हनुमान मंदिर के अलावा अन्य प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की. अहले सुबह से दोपहर तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी.

पूजा-पाठ के बाद लोगों ने पंडित और पुरोहितों को दही, चूड़ा और तिलकुट दान कर आशीर्वाद प्राप्त किया. वहीं मंदिर के बाहर गरीबों के बीच भी लोगों ने चूड़ा-गुड़,तिलकुट आदि दान किया. इसके बाद लोगों ने चूड़ा-दही, तिलकुट आदि का सेवन किया. वहीं चूड़ा-दही के बाद युवा व बच्चों ने पतंगबाजी का भी आनंद लिया. तारीख के अनुसार पर्व मनाने वालों ने तो 14 जनवरी मंगलवार को ही चूड़-दही और तिलकुट खाया था.
वहीं पंचांग मनाने वालों ने बुधवार को इस त्योहार को मनाया. पंडित गौतम पांडेय ने बताया कि कई प्रमुख पंचांगों के अनुसार मंगलवार देर रात सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश कर गया, इसलिए बुधवार को पुण्यकाल रहा. विधि सम्मत यानी स्नान, दान के बाद चूड़ा-दही और तिल खाने वालों ने बुधवार को ही मकर संक्रांति मनायी. पूजा-पाठ व दान-पुण्य के बाद परंपरागत तरीके से मकर संक्रांति मनायी गयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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