कोडरमा : सुबह में शुरू हुई कंपकपाती ठंड पर गुरुवार को मतदाताओं का उत्साह भारी पड़ता दिखा. अन्य दिनों की अपेक्षा सुबह की शुरुआत ठंडी हवाओं के साथ भले ही हुआ, पर लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर वोटरों में उत्साह देखते बना. शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों में वोटिंग […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
कोडरमा : सुबह में शुरू हुई कंपकपाती ठंड पर गुरुवार को मतदाताओं का उत्साह भारी पड़ता दिखा. अन्य दिनों की अपेक्षा सुबह की शुरुआत ठंडी हवाओं के साथ भले ही हुआ, पर लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर वोटरों में उत्साह देखते बना. शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों में वोटिंग को लेकर सुबह से मतदाताओं की कतार दिखी.
खासकर महिलाओं, युवाओं में वोटिंग को लेकर उत्साह दिखा. हालांकि, इसके बावजूद मतदान प्रतिशत ओवर ऑल जितना अच्छा रहने की उम्मीद जतायी जा रही थी, वैसा रहा नहीं. अंतिम स्थिति जो भी रही, पर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो इसको लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये थे. यही कारण है कि नक्सल प्रभावित जंगली इलाकों में भी मतदाताओं की लंबी कतार दिखी.
हालांकि, कुछ बूथों पर दोपहर बाद सन्नाटा दिखा. प्रभात खबर टीम ने मतदान का जायजा लिया तो बूथों पर अलग-अलग तस्वीर दिखी. सुबह में झुमरीतिलैया के पीडब्ल्यूडी स्थित बूथ पर मतदाता कतार में लगे दिखे, जबकि गुमो के राजकीय मध्य विद्यालय-1 में सुबह आठ बजे मतदाताओं की लंबी कतार दिखी. यहां दो बूथ 114 व 115 में क्रमश: 1091 व 1412 वोटरों को अपने मत का प्रयोग करना था.
ऐसे में कतार बूथ परिसर से लेकर बाहर सड़क पर पहुंच गयी थी. शहरी क्षेत्र के बाद ग्रामीण इलाकों की तस्वीर भी कुछ ऐसी ही दिखी. उग्रवाद प्रभावित मरकच्चो प्रखंड के डगरनवां पंचायत के विभिन्न बूथों पर मतदाता वोटिंग को लेकर कतार में दिखे. उत्क्रमित मध्य सह उच्च विद्यालय डगरनवां में बने बूथ पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हो रहा था.
वहीं राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय अरैया बूथ संख्या 292 में महिला-पुरुष दोनों की लंबी कतार थी. यहां कुल 988 वोटरों में से 348 ने 11:30 बजे तक अपने मत का प्रयोग कर लिया था. इस मतदान केंद्र पर करीब आठ किलोमीटर पैदल चल कर मतदान करने पहुंची गुलाबी देवी, बेलवा देवी, रेवल मुर्मू निवासी बंदरचौकवा ने बताया कि वोट डालना अपना फर्ज है, इसलिए आये हैं.