मरकच्चो : नवलशाही थाना क्षेत्र के पुरनाडीह में संचालित पत्थर खदान में गत नौ नवंबर को चाल धंसने की घटना के बाद मलबे में दबे उपेंद्र मेहता के शव का एक सप्ताह बाद भी कोई अता पता नहीं चल सका है. शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचे एसपी डाॅ एम तमिल वाणन ने स्थिति का जायजा लिया.
एसपी ने खदान में जमा पानी निकालने के कार्य को संतोषजनक पाया. मौके पर मौजूद खदान संचालक को उन्होंने इस कार्य में कोई कोताही नहीं बरतने को कहा. उन्होंने यह भी कहा कि सहयोग के लिए हमारी कोई आवश्यकता पड़े तो जरूर बताये. वर्तमान में खदान संचालक द्वारा शव को निकालने के लिए पंप सेट मशीन की संख्या और बढ़ा दी गयी है.
एसपी को आश्वस्त करते हुए संचालक द्वारा बताया गया कि खदान में पंद्रह से बीस फीट गहरा पानी रहने के कारण पानी निकालने के लिए एक दो दिन का समय और लग सकता है. इसके बाद ही शव का पता चल पायेगा. इसके पूर्व बुधवार व गुरुवार को शव निकालने के लिए रांची की एनडीआरएफ टीम का सहयोग लिया गया था, लेकिन शव को ढूंढ पाने में टीम कामयाब नहीं हो सकी.
ज्ञात हो कि गत शनिवार को करीब एक बजे पुरनाडीह स्थित संचालित पत्थर खदान में चाल धंसने से खदान के अंदर काम कर रहे तीन लोग पानी के उफान से बह कर ऊपर से गिरे मलबे में दब गये थे, जिसमें से मसनोडीह निवासी अनिल सिंह व डोमचांच निवासी अन्नू मेहता का शव पहले निकाला जा चुका है.
