झुमरीतिलैया : शहर के वार्ड नंबर 28 मौजा यदुटांड़ में गैरमजरुआ खास भूमि की जमाबंदी गलत तरीके से करने के आरोप में 57 वर्ष पूर्व कोडरमा अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी/पंचायत सेवक ज्वाला प्रसाद मिश्रा व अन्य के विरुद्ध तिलैया थाना में मामला दर्ज किया गया है. सीओ अशोक राम ने इस संबंध में गत […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
झुमरीतिलैया : शहर के वार्ड नंबर 28 मौजा यदुटांड़ में गैरमजरुआ खास भूमि की जमाबंदी गलत तरीके से करने के आरोप में 57 वर्ष पूर्व कोडरमा अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी/पंचायत सेवक ज्वाला प्रसाद मिश्रा व अन्य के विरुद्ध तिलैया थाना में मामला दर्ज किया गया है. सीओ अशोक राम ने इस संबंध में गत दिन थाना में आवेदन दिया था.
इसके आधार पर गुरुवार को थाना कांड संख्या 233/19 भादवि 406,420 दर्ज हुआ है. इसमें कहा गया है कि 1962-63 व इसके बाद मनी गोप (पिता चितो गोप), सोहर गोप (पिता भातु गोप) व अन्य के नाम संबंधित भूमि खाता संख्या एक व 17 की भूमि की जमाबंदी कायम दिखाते हुए रसीद निर्गत किया गया है.
उस समय के राजस्व कर्मचारी व अन्य ने जमाबंदी कायम करते हुए नियमों का ख्याल नहीं रखा. इधर, मामला दर्ज होने के बाद नयी चर्चा शुरू हो गयी है. खास बात यह है कि जिस कर्मचारी को आरोपी बनाया गया है, वह अभी जीवित भी है या नहीं इसकी जानकारी अंचल कार्यालय या सीओ को नहीं है.
पूरे मामले में सिर्फ सरकारी कर्मचारी को ही आरोपी बनाया गया है, जबकि जमाबंदी धारकों को राहत दी गयी है. इस संबंध में पूछे जाने पर सीओ ने बताया कि गलत तरीके से कायम जमाबंदी को रद्द करने की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. साथ ही संबंधित भूमि को अतिक्रमणमुक्त करने की कार्रवाई की जा रही है. संबंधित लोगों को नोटिस भी भेजा गया है.
जनता दरबार में आया था मामला, जांच में मिली थी गड़बड़ी: ज्ञात हो कि गत दिनों जनता दरबार में यदुटांड़ में 25 एकड़ सरकारी भूमि अवैध तरीके से एग्रीमेंट के माध्यम से बिक्री करने का मामला आया था. इसके बाद डीसी रमेश घोलप ने एसडीओ विजय वर्मा के नेतृत्व में टीम का गठन कर मामले की जांच करायी थी.
जांच में मामला सही पाये जाने पर प्राथमिकी का निर्देश दिया गया था. जांच में यह बात सामने आयी थी कि 21 व्यक्तियों द्वारा एकरारनामा के माध्यम से अवैध तरीके से भूमि का हस्तांतरण किया जा रहा है. मौजा यदुटांड़ के पंजी 2 में गैरमजरूआ खास खाते से संबंधित जमाबंदी कुल पांच व्यक्तियों के नाम से बिना किसी पदाधिकारी के आदेश के दर्ज किया गया है, जिसका पूर्व में लगान रसीद निर्गत किया गया है.
ऐसे में डीसी ने सीओ को यदुटांड़ के खाता संख्या 1 और 17 के गैरमजरूआ खास खाते जमीन पर अतिक्रमित सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया था. साथ ही इस मामले में दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों, पदाधिकारियों व कर्मियों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही थी.