झुमरीतिलैया : दुर्गोत्सव को लेकर पूरे जिले में भक्ति का माहौल है, वहीं विभिन्न पूजा समितियों द्वारा बनाये जा रहे पूजा पंडाल लगभग बनकर तैयार हो गये हैं. नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को शहर के कुछ पूजा पंडालों के पट खुल जायेंगे. पट खुलते ही श्रद्धालु मां भवानी के दर्शन के लिए पंडालों में […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
झुमरीतिलैया : दुर्गोत्सव को लेकर पूरे जिले में भक्ति का माहौल है, वहीं विभिन्न पूजा समितियों द्वारा बनाये जा रहे पूजा पंडाल लगभग बनकर तैयार हो गये हैं. नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को शहर के कुछ पूजा पंडालों के पट खुल जायेंगे. पट खुलते ही श्रद्धालु मां भवानी के दर्शन के लिए पंडालों में पहुंचेंगे.
माता की पूजा को लेकर शहर में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है. पंडालों को कहीं भव्य मंदिर का प्रारूप दिया गया है तो कहीं आलीशान महल का रूप दिया गया है. षष्ठी के दिन अड्डी बंगला पूजा समिति व मडुआटांड़ पूजा समिति द्वारा पंडालों के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिये जायेंगे.
अड्डी बंगला पूजा समिति के अध्यक्ष बबलू सोनकर ने बताया कि यहां पूजा पंडाल का उद्घाटन मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव, सांसद अन्नपूर्णा देवी, डीसी रमेश घोलप व एसपी डॉ एम तमिल वाणन करेंगे. वहीं मडुआटांड़ पूजा समिति के सदस्य मुकेश दास डब्ल्यू ने बताया कि यहां पंडाल का उद्घाटन शिक्षा मंत्री, सांसद के साथ जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता, पूर्व विधायक अमित यादव व अन्य करेंगे.
इन पूजा पंडालों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु मेला का भी लुफ्त उठा पायेंगे. इसके अलावा शहर के महाराणा प्रताप चौक, बेलाटांड़, गौरीशंकर मोहल्ला, ताराटांड, विशुनपुर, करमा व अन्य जगहों पर सप्तमी के दिन पूजा पंडालों के पट खुलेंगे. इधर, पूजा को लेकर खरीदारी को लेकर शहर में रौनक बढ़ गयी है. लगातार हो रही बारिश के रुकने से लोग खरीदारी करने बाजार आ रहे हैं.
स्कंदमाता की हुई आराधना : शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन जिले भर में मां अंबे के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना हुई. स्कंदमाता की उपासना कार्तिकेय स्वामी के माता के रूप में की जाती है. पुराणों के अनुसार कार्तिकेय की महिमा का वर्णन स्कंद नाम से है. इनकी माता होने के कारण मां को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है.
इनकी उपासना मात्र से ही सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है. वहीं नवरात्र के छठे दिन मां भवानी के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की आराधना होगी. कात्यायन ऋषि की पुत्री होने के कारण माता का नाम कात्यायनी पड़ा. मां कात्यायनी की पूजा करने से शत्रुओं का विनाश व कुंवारी कन्याओं का विवाह होता है.
गौरी शंकर मोहल्ला में दिखेगा बंगाल के देवी मंदिर का प्रारूप : गौरी शंकर मोहल्ला में पूजा समिति द्वारा इस वर्ष बनाये गये पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं को बंगाल के देवी मंदिर का प्रारूप दिखेगा. सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र वर्णवाल व सचिव आशीष भदानी ने बताया कि इस वर्ष पूजा को लेकर बन रहे भव्य पंडाल का कार्य द अरेंजर्स के सुजीत लोहानी को दिया गया है.
पूजा पंडाल 55 फीट ऊंचा व 40 फीट चौड़ा है. पंडाल को अंतिम रूप देने में बंगाल के कारीगर लगे हैं, जबकि आकर्षक लाइटिंग का कार्य सान्या लाइट एंड साउंड द्वारा किया जा रहा है. पंडाल निर्माण में दो लाख 50 हजार व लाइटिंग में एक लाख 25 हजार का खर्च आ रहा है, जबकि माता समेत अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा निर्माण का कार्य हजारीबाग के सुनील मूर्तिकार द्वारा किया जा रहा है, जिसमें 75 हजार का खर्च आ रहा है.
समिति इस वर्ष अपना 43वां वार्षिकोत्सव मना रही है. यहां पूजा को सफल बनाने में अध्यक्ष वीरेंद्र वर्णवाल, सचिव आशीष भदानी, कोषाध्यक्ष संजय तर्वे, उपाध्यक्ष राजकुमार कंधवे, उपसचिव राहुल बड़गवे, मेला मंत्री रमेश सिंह, संरक्षक संतोष सिन्हा, प्रवीण राही, विष्णु वर्णवाल, मनोज वैश्यकियार, सक्रिय सदस्य सुशील भदानी, राजीव भदानी, विजय वैश्यखियार, संजय वैश्यखियार, रजत बड़गवे आदि लगे हैं.