कोडरमा : जिला उपभोक्ता फोरम ने महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसिज लिमिटेड के विरुद्ध फैसला सुनाते हुए लाखों रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है. बताया जाता है कि झुमरीतिलैया माइका गली निवासी बैजनाथ प्रसाद वर्मा (पिता प्रयोग महतो) ने फाइनेंस कंपनी के विरुद्ध मामला फोरम में दर्ज कराया था.
बैजनाथ का आरोप था कि उन्होंने करीब तीन वर्ष पूर्व एक ट्रक फाइनेंस कंपनी के माध्यम से खरीदा था. उक्त वाहन का तय किस्त दिये गये बैंक चेक के माध्यम से प्रत्येक माह किया जा रहा था. 11 महीने तक तय समय पर किस्त की राशि चेक के माध्यम से फाइनेंस कंपनी ने काट ली.
12वें महीने में तय किस्त की राशि काटने के बाद एक बार फिर राशि की कटौती बैंक खाते से कर ली गयी, जबकि उक्त राशि उन्होंने अन्य इंश्योरेंस कंपनी को दिये चेक के लिए जमा करायी थी. इसी बीच उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इंश्योरेंस कंपनी को पैसा जमा नहीं होने के कारण इंश्योरेंस नहीं हो पाया. ऐसे में वाहन को ठीक कराने में उन्हें 10 लाख 80 हजार 86 रुपये का खर्च आया और मानसिक परेशानी अलग से हुई.
बैजनाथ ने उक्त राशि के साथ मानहानि के रूप में आठ लाख 50 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान का क्लेम फोरम के समक्ष किया था. फोरम ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष की बात सुनने के बाद यह फैसला सुनाया कि महिंद्रा फाइनेंस ने गलत तरीके से राशि की कटौती दोबारा कर ली. ऐसे में वाहन दुर्घटना के बाद बनाने में हुए खर्च राशि 10 लाख 80 हजार 86 रुपये का भुगतान वाहन मालिक को किया जाये. साथ ही मानसिक परेशानी के लिए दस हजार व मुकदमा खर्च के रूप में पांच हजार का भुगतान करने का आदेश फोरम ने दिया. उक्त राशि तीस दिनों के अंदर नहीं देने पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना होगा.
