कोडरमा में छह मई को वोट पड़ेंगे़ चुनावी सरगरमी तेज है़ इस सीट पर तीन कोणों पर संघर्ष है़ भाजपा से अन्नपूर्णा देवी, यूपीए के बाबूलाल मरांडी और माले से राजकुमार यादव चुनाव मैदान में है़ं चुनावी सरगरमी के बीच जनता के सवाल भी है़ं जनता दावेदारों से उनके एजेंडे, विजन जानना चाहती है़ जनता के मुद्दे साथ प्रभात चौपाल में कोडरमा के प्रत्याशियों से छोटे पांच सवाल किये गये़ वरीय संवाददाता विकास की रिपोर्ट़
1. जनता आपको क्यों चुने?
2. आप दूसरे प्रत्याशी से किस मायने में अलग हैं?
3. आपकी प्राथमिकता क्या होगी?
4. ऐसा आप क्या नया करेंगे जो अभी तक आपके क्षेत्र में नहीं हुआ?
5. संसद में क्षेत्र के कौन से मुद्दे और समस्या आपकी प्राथमिकता में होंगे.
जनता के बीच रही हूं, जनता ही जितायेगी : अन्नपूर्णा देवी
देखिए, लगातार 20 वर्षों तक कोडरमा विधानसभा का मैंने प्रतिनिधित्व किया है. मेरे पति स्वर्गीय रमेश प्रसाद यादव भी विधायक थे. क्षेत्र की जनता से मेरा भावनात्मक लगाव है. न सिर्फ कोडरमा, बल्कि अन्य क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में शामिल होती रही हूं. भाजपा ने महिला को टिकट देकर सम्मान बढ़ाया है. मुझे पूरी उम्मीद है कि कोडरमा की जनता मुझे जीत दिलाएगी.
मैं दूसरे की तरह हवा-हवाई नेता नहीं हूं. कोडरमा लोकसभा को आज तक महिला सांसद नहीं मिला है. पहली बार भाजपा ने मुझे टिकट देकर आधी आबादी को मौका दिया है. समाज के हर तबके के साथ मेरा जुड़ाव है. मैं पारिवारिक माहौल बना कर रखती हूं. जहां जाती हूं बेटी-बहन व बहू के रूप में लोग मिलते है़ं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों को आम जन तक पहुंचाना. सरकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करवाना. कोडरमा लोकसभा में सबसे बड़ी समस्या रोजगार का साधन उपलब्ध नहीं होना है. माइका, ढिबरा उद्योग की बदहाली के कारण लोग पलायन को मजबूर हुए हैं. मैंने रोजगार का साधन उपलब्ध करवाने को लेकर पहले भी प्रयास किया है़ लोगों को रोजगार मिले, पलायन रुके इसको लेकर कार्य करेंगे.रोजगार का साधन उपलब्ध करवाना पहली प्राथमिकता होगी. इसके लिए संसद में आवाज उठायेंगे.
मेरी लड़ाई व्यक्ति से नहीं विचारधारा से है : बाबूलाल
देखिए, भाजपा ने 2014 में जितने वादे किये थे, सभी झूठे साबित हुए. पूरे पांच वर्ष देश में लोकतंत्र व संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश भाजपा सरकार ने की है. केंद्र सरकार ने तानाशाही करते हुए आतंक का माहौल बनाया है. लोकतंत्र को बचाने के लिए आज यूपीए गठबंधन की सरकार जरूरी है. आज देश को न्याय चाहिए, मैं किसी से अपनी तुलना नहीं करता, मेरी लड़ाई व्यक्ति से नहीं, विचारधारा से है.
लोगों को रोजगार मिले, पलायन रुके. देश का संविधान व लोकतंत्र सुरक्षित रहे.
लोगों के पास रोजगार का साधन नहीं है, नीतियों के कारण कोडरमा में माइका, ढिबरा व क्रशर का कारोबार ठप हो रहा है, प्रयास रहेगा कि क्षेत्र का मूलभूत आधार माइका, ढिबरा, पत्थर का व्यवसाय कानूनी दृष्टिकोण से लचीला बने और लोग जीविकोपार्जन कर सकें.
खनिज संपदाओं से भरी झारखंड की धरती को भाजपा ने लुटवाने का काम किया है. खदानें बड़ी कंपनियों को दी जा रही है और छोटे-मोटे व्यवसाय करनेवालों पर कानूनी डंडा चलाया जा रहा है. यहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में रहने को विवश हैं. इन्हें मुंबई, हैदाराबाद व अन्य जगहों पर आने-जाने के लिए ट्रेन की सुविधा अच्छी नहीं है. प्रत्येक दिन इन जगहों के लिए ट्रेन चलाने का प्रयास होगा.
संघर्ष की राजनीति करता हूं, सौदेबाजी नहीं : राजकुमार यादव
देखिए, भाकपा माले ने हमेशा आम-अवाम की आवाज बनने का प्रयास किया है. विधायक रहते जनता के कई मुद्दे मैंने विधानसभा में उठाये, जनता अगर मौका देगी तो लोकसभा में क्षेत्र की आवाज बनूंगा. आज देश में संविधान व आरक्षण को खत्म करने, जल, जंगल व जमीन को छीनने की साजिश हो रही है. ऐसी ताकतों को रोकना जरूरी है.
मैं संघर्ष की राजनीति करता हूं, सौदेबाजी की नहीं. सामाजिक न्याय की लड़ाई, धर्मनिरपेक्षता भाजपा से संभव नहीं है. मैं उन दलबदलुओं की तरह नहीं हूं, जो सत्ता के लिए दलबदल लेते हैं. हमारी विरासत स्वर्गीय महेंद्र
सिंह की राजनीति है. दूसरे उम्मीदवारों के पास जहाज है, प्रचार के लिए हीरो-हिरोइन हैं, मेरा हीरो जनता है और मैं जनता के साथ रहता हू़ं
आज हर तरफ लूट व भ्रष्टाचार का माहौल है. बड़ी कंपनियां जमीन ले रही हैं, लोगों को मुआवजा तक नहीं मिल रहा. क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा की हालत खस्ता है. सरिया में रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज नहीं बना.
सबसे पहले माइका उद्योग को पुनर्जीवित करने का प्रयास होगा. क्रशर, खदान की भी स्थिति अच्छी नहीं है, इसे सुधारने का प्रयास रहेगा.
रोजगार के साधन देते हुए पलायन को रोकना, आज विदेशों से आये दिन यहां के मजदूरों के शव आ रहे हैं. लाल फीताशाही ने हर काम मुश्किल कर दिया है.
