लापरवाही के कारण माह दो माह में आती है यह समस्या
जयनगर : डीवीसी द्वारा बनाये गये एशपौंड की बांध में दरार आने से गुरुवार को बिसोडीह, मंझगांवा सहित कई गांवों के किसानों की खेत में केमिकल व कीचड़ युक्त पानी जमा हो जाने से खेतों में लगी गेहूं की फसल को क्षति हुई है. हालांकि प्रबंधन द्वारा आनन-फानन में बांध की दरार को दुरुस्त किया गया. मगर तब तक भारी मात्रा में पानी खेतों में जमा हो गया.
उक्त बांध के किनारे अब्दुल क्यूम, यूसुफ अंसारी, इसराइल अंसारी, मो रफिक, महिउद्दीन, अनवर अंसारी, मो उस्मान, जगदीश यादव, तालेवर यादव, साहिद अंसारी सहित दर्जनों किसानों ने गेहूं की फसल लगा रखी है. पहले से भी यह फसल एशपौंड की धूल के कारण प्रभावित था. अब कचड़ा युक्त पानी भी खेत में पहुंच गया है. किसानों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस समस्या के समुचित समाधान व क्षतिपूर्ति की मांग की है.
उल्लेखनीय है कि मंझगांवा के किसान एशपौंड के किनारे अपनी खेतों में प्रत्येक वर्ष जेठुआ सब्जी लगाकर बेहतर आय अर्जित किया करते थे. मगर माह दो माह में पानी के बहाव की समस्या व एशपौंड की धूल ने खेतों की उर्वरा शक्ति को क्षीण कर दिया है, जिसके कारण किसान सब्जियों की खेती नहीं कर पा रहे. जैसे-तैसे कर गेहूं की खेती की मगर उसपर भी खतरा मंडरा रहा है.
