डीसी ने कहा, आचार संहिता लागू होने से पहले क्रियान्वित योजनाओं को पूरा कर लें सभी बैंक
कोडरमा : समाहरणालय सभा कक्ष में मंगलवार को डीएलसीसी की बैठक डीसी भुवनेश प्रताप की अध्यक्षता में हुई. आरसेटी परामर्शदात्री समिति के कार्यों की समीक्षा करते हुए डीसी ने आरसेटी से प्रशिक्षित उद्यमियों को बैंक शाखाओं द्वारा ऋण उपलब्ध नहीं कराये जाने पर नाराजगी जतायी. साथ ही सभी बैंकों की शाखाओं में ऋण हेतु प्राप्त आवेदन को सात दिनों के अंदर स्वीकृत कर लाभुक को ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
ऋण के लिए अधिकतर बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन पेंडिंग है. ऐसे में एलडीएम को ऋण से संबंधित आवेदन शीघ्र स्वीकृत करने का निर्देश दिया. 20 प्रतिशत से कम ग्रोथ वाले बैंकों को सीडी रेशियो बढ़ाने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अन्य बैंकों की अपेक्षा ऋण उपलब्ध कराने में सबसे खराब प्रदर्शन रहने से डीसी ने निर्णय लिया कि सभी सरकारी फंड निकाल कर बैंक आॅफ इंडिया में हस्तांतरित कर दिया जाये. मौके पर पर दीन दयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी अाजीविका मिशन को लेकर नगर पर्षद झुमरीतिलैया की ओर से तैयार पत्रिका व संभाव्यता युक्त शाखा योजना 2019-20 को लेकर नाबार्ड के माध्यम से तैयार पुस्तक का विमोचन किया गया.
विमोचन डीसी, डीडीसी, एजीएम आरबीआइ, नोडल पदाधिकारी एसबीआइ, डीडीएम नाबार्ड व एलडीएम ने संयुक्त रूप से किया. डीसी ने कहा कि सभी बैंक आचार संहिता लागू होने से पहले क्रियान्वित योजनाओं को पूरा कर लें. प्रधानमंत्री किसान योजना केतहत प्रथम किस्त में दो हजार रुपये दिया जाना है. जिले में लगभग दो लाख किसान है. 25 फरवरी 2019 तक सभी किसानों को चिह्नित करने का निर्देश दिया.
