प्रखंड स्तरीय पारंपरिक हातु सभा संघ के तत्वावधान में शनिवार को किनसु बगीचा में ग्रामीणों की बैठक अध्यक्ष उम्बुलन तोपनो की अध्यक्षता में हुई. जिसमें तोरपा पूर्वी, दियांकेल, हुसीर व जरिया पंचायत के ग्रामीण उपस्थित थे. बैठक में झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि अपने हक अधिकार के प्रति हमेशा जागरूक और सचेत रहने की जरूरत है. हम अपने पुरखों के त्याग और बलिदान को भूल चुके हैं. यही स्थिति रही तो हमारे अस्तित्व तथा अस्मिता खतरे में पड़ जायेगी. उन्होंने 21 अप्रैल को जिला समाहरणालय के समक्ष आहूत एकदिवसीय महाधरना में ग्रामीणों से शामिल होने की अपील की. समाजसेवी जोन जुरसेन गुड़िया ने कहा कि पारंपरिक ग्रामसभा को बचाने के लिए हमें एकजुट होना होगा. सुबोध पूर्ति ने कहा कि वर्तमान राजनीति जल, जंगल, जमीन तथा परंपरागत व्यवस्था से दूर हो चुकी है. बेनेदिक्त नवरंगी ने कहा कि पेसा कानून के साथ न्याय नहीं किया गया है. बैठक को मसीहदास गुड़िया, इमानुएल तोपनो, आशीष गुड़िया, अनसेलेम भेंगरा, सनिका गुड़िया, एतवा भेंगरा, राम गुड़िया, लेपा हेमरोम, जयराम भेंगरा, इलियस बोदरा, नमलन केरकेट्टा, भीमसेंट कोनगाड़ी, सुमन तोपनो, अजीत भेंगरा, जोसेफ गुड़िया आदि ने भी संबोधित किया.