खूंटी. झारखंड सरकार कल्याण विभाग के सौजन्य से मुरहू जनजातीय अंचल कार्यालय में आदिवासी कला केंद्र-धुमकुड़िया भवन के लिए पारंपरिक वाद्य यंत्रों का वितरण किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया ने लाभुकों को विभिन्न प्रकार के पारंपारिक वाद्य यंत्र प्रदान किया. उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ आदिवासियों की जीवन शैली संस्कृति को संरक्षित करने का प्रयास कर रही है. प्राचीन काल से चला आ रहा धुमकुड़िया (गितिओड़ा) भवन का महत्व ही कुछ अलग है. जिले में प्रत्येक राजस्व ग्राम में आदिवासी कला केंद्र, धूमकुड़िया भवन का निर्माण किया जा रहा है. सरकार की ओर से वाद्य यंत्र बजाने का भी प्रशिक्षण दिलाने का कार्य कर रही है. मौके पर आईटीडीए निदेशक आलोक शिकारी कच्छप, प्रमुख एलिस ओडेया, उप प्रमुख अरुण साबू, प्रखंड विकास पदाधिकारी रंजीत कुमार सिन्हा, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सुमित कुमारी, सनिका बोदरा सहित अन्य उपस्थित थे.
आदिवासी कला केंद्र-धुमकुड़िया को दिये गये पारंपरिक वाद्य यंत्र
आदिवासी कला केंद्र-धुमकुड़िया भवन के लिए पारंपरिक वाद्य यंत्रों का वितरण किया गया.
