अक्षय तृतीया के अवसर पर विशेष सत्संग का आयोजन

मुरहू के महर्षि मेंही आश्रम शांतिपुरी शबरी कुटिया में सोमवार को अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में विशेष सत्संग और भंडारे का आयोजन किया गया.

खूंटी. मुरहू के महर्षि मेंही आश्रम शांतिपुरी शबरी कुटिया में सोमवार को अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में विशेष सत्संग और भंडारे का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत ईश-स्तुति, गुरु वंदना, ध्यानाभ्यास और रामचरितमानस का पाठ कर किया गया. इस अवसर पर अपने प्रवचन में स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने कहा कि अक्षय तृतीया सर्वाेत्तम पर्व है. इस दिन भगवान का भजन, सत्संग, ध्यान और दान करने से बहुत पुण्य मिलता है. अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में किया गया पुण्य का क्षय कभी नहीं होता है. उन्होंने कहा कि आज ही के दिन सतयुग और त्रेता की शुरुआत हुई थी. मुरली ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान सभी जीवों में विराजमान हैं. इसलिए हिंसा नहीं करनी चाहिए. हमें सभी बुराइयों से बचना चाहिए. डॉ डीएन तिवारी ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्म हुआ था. आज ही गंगा माता धरती पर अवतरित हुई. इसी दिन गरीब सुदामा भगवान कृष्ण से मिलने द्वारकापुरी गये थे. जिनका चुड़ा खाकर भगवान ने उन्हें धन धान्य से भर दिया था. वक्ताओं ने सत्संग और दान की महिमा बतायी. श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की उचित व्यवस्था थी. मौके पर रामहरि साव, हरिद्वार ठाकुर, गणपति ठाकुर, जगन पुर्ति, रामसहाय मुंडा, उमेश ठाकुर, राम सिंह मुंडा, संदीप मुंडा, फगुआ मुंडा, सनिका मुंडा, सनातन कुमार बीरु सहित अन्य उपस्थित थे.

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Published by: Chandan kumar

चंदन कुमार ने करियर की शुरुआत 1996 में प्रभात खबर से की. ऑल इंडिया रेडियो, सहारा समय टीवी, इंडिया टुडे एवं राष्ट्रीय सहारा में कार्य अनुभव. यात्रा वृतांत,साहित्य, सामाजिक बदलाव एवं कानूनी मामले की खबरों में रुचि. वर्तमान में मधेपुरा से खबरों का संकलन करते हैं.

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