श्रम कानूनों के विरोध में सड़क जाम कर प्रदर्शन

झारखंड राज्य किसान सभा द्वारा गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया.

तमाड़. ट्रेड यूनियन मोर्चा की ओर से आहूत देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में झारखंड राज्य किसान सभा द्वारा गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया. रांची-टाटा उच्च राजपथ स्थित डोड़ेया मोड़ पर किसानों ने करीब डेढ़ घंटे तक सड़क जाम रखा. वहीं राहे-सिल्ली राजपथ पर राहे व बासाहातु, बुंडू-सोनाहातू-सिल्ली राजपथ सोनाहातू तथा राहे-सोनाहातू मार्ग के जिंतू में भी अन्नदाता किसान सड़क पर डटे रहे. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने किसान-मजदूर विरोधी चार लेबर कोड, बीज व बिजली विधेयक, बीबीजीआर विधेयक, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने, मनरेगा की पुनर्बहाली, फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, जबरन भूमि अधिग्रहण व विस्थापन पर रोक लगाने तथा झारखंड में हाथियों के आतंक से स्थायी निजात दिलाने की मांग उठायी. किसानों ने सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण, महंगाई, बेरोजगारी और जल-जंगल-जमीन को कॉरपोरेट के हवाले करने के विरोध में भी नारेबाजी की. सभा को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाये गये चार लेबर कोड, बीज व बिजली विधेयक और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश व झारखंड के किसानों के लिए मौत की घंटी साबित होंगे. उन्होंने 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल ऐतिहासिक बताया. मौके पर मजदूर नेता सुरेश मुंडा, लोधरो मुंडा, मंगल मुंडा, नेहरू लाल मुंडा, विशेश्वर अहिर, घुलन पातर, रीता स्वासी, बिसम्बर महतो, रतन महतो, उमेश महतो, प्रेमचंद पातर, रामधन मछुवा, घासी राम मुंडा समेत बड़ी संख्या में किसान-कार्यकर्ता मौजूद थे.

मजदूर विरोधी कानूनों के खिलाफ हड़ताल ऐतिहासिक : सुफल महतो

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