खूंटी. झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह द्वारा पेसा नियमावली पर दिये गये वक्तव्य पर झारखंड उलगुलान संघ ने प्रतिक्रिया दी है. संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि नियमावली की बेहतरी पर मंत्री को स्पष्ट करना चाहिए था कि पारंपरिक ग्राम सभा में सचिव की जिम्मेवारी पंचायत सचिव को सौंपना तथा योजना का चयन और प्राथमिकता तय करने हेतु बहु अनुशासनात्मक टीम को थोपना, पेसा नियमावली के आलोक में पारंपरिक ग्राम सभा के आत्मनिर्णय तथा स्वशासन के अधिकार पर क्या अंकुश लगाना नहीं है. सामुदायिक संसाधन को परिभाषित करने में राजकीय दस्तावेज खतियान पार्ट टू को शामिल क्यों नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने पेसा कानून की भावना के विपरीत नियमावली बना कर आदिवासियों के साथ धोखा किया है. आदिवासियों के आक्रोश को शांत करने के लिए मंत्री भ्रमित बयानबाजी कर रही है.
पेसा कानून आदिवासियों के साथ धोखा : संघ
पेसा नियमावली पर दिये गये वक्तव्य पर झारखंड उलगुलान संघ ने प्रतिक्रिया दी है.
