खूंटी से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Khunti News: सरना धर्म सोतो समिति, केंद्र डौगड़ा के तत्वावधान में शनिवार को सरना धर्म प्रार्थना सभा शुरुआत किया गया. धर्मगुरु बगरय ओड़ेया, धर्मगुरु भैयाराम ओड़ेया, धर्मगुरु बुधराम सिंह मुंडा व बिरसा कंडीर की अगुवाई में अनुयायियों के साथ सरना स्थल में भगवान सिंगबोंगा की पूजा-पाठ कर सुख, शांति और खुशहाली की कामना की और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
धर्मगुरु ने क्या कहा?
इस अवसर पर धर्मगुरु बगरय ओड़ेया ने कहा कि सरना विश्व का सबसे पुराना धर्म है. सामाजिक समानता व एकजुटता के बिना समृद्ध समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है. समाज से डाइन-बिसाई, अशिक्षा और ऊंच-नीच जैसे बुराईयों को दूर करने की जरूरत है. सबको समाज में रहने का समान अधिकार है. इसलिए वंचितों, शोषितों और दीन-दुखियों का उद्धार करें जिससे कि समाज में समानता, एकता, प्रेम और भाईचारा का संचार हो.
कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता जरूरी
इस अवसर पर मंगा ओड़ेया ने कहा कि भगवान सिंगबोंगा की स्तुति से मन-आत्मा में भक्ति और श्रद्धा आती है और समाज में प्रेम व भाईचारा पनपती है. हमें समृद्ध समाज के लिए हमेशा समाज और संगठन के सिद्धांतों को अमल में लाना चाहिए. आज भी हमारे समाज में अनेक धार्मिक-सामजिक रूढ़ियां हैं जिससे समाज में असमानता है. ऐसे कुप्रथाओं को परिवार और समाज से हटाने के लिए समाज में जागरूकता लाना चाहिए जिससे कि समृद्ध समाज स्थापित हो.
ये लोग हुए शामिल
इस कार्यक्रम में मथुरा कंडीर, बुधराम सिंह मुंडा, सलीम मुंडा, किशुनराय मुंडा, जीतनाथ पहान, सुनिल ओड़ेया, मंगा ओड़ेया, मधियाना धान, जमुना मुंडू, बिरसिंह ओड़ेया, सुगना पहान, कोलाय ओड़ेया, बंटी ओड़ेया, टुटी ओड़ेया, नरनसिंह तोपनो आदि ने विचार रखकर सरना धर्मावलंबियों को अनुग्रहित किया. इस समारोह में खूंटी, मुरहू, बंदगांव, अड़की, कोचांग, बिरबंकी तथा आस-पास के गांवों के सरना धर्मावलंबी शामिल हुए.
यह भी पढ़ें: ममता की प्रतिमूर्ति बीजो देवी: गुमला में 52 अनाथ बच्चों के लिए बनीं ‘यशोदा मां’, माड़ पिलाकर पाला-पोसा
यह भी पढ़ें: गुमला में अपहरणकर्ताओं को चकमा दिया 5वीं का छात्र, मासूम ने अपराधियों के मंसूबों पर फेरा पानी
