रनिया, भूषण कांसी, मरचा मिशन गांव की महिला किसान सिलप्रिया तोपनो अपने खेतों में मियाजाकी और अमेरिका रेड पाल्मर आम लगाकर चर्चा का विषय बन गया है. उनके खेत में लगे आम को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. उन्होंने अपने खेत में मियाजाकी के तीन और अमेरिकन रेड पाल्मर के सात पेड़ लगायीं है. इसमें मियाजाकी आम अपने महंगे दामों के लिए जाना जाता है. बताया जाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत ढाई से तीन लाख रुपये प्रति किलो के दर तक रहती है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने कोलकाता से ऑनलाइन इन विदेशी प्रजाति के पौधे मंगवाये थे. लगातार चार वर्षों तक देखभाल और मेहनत के बाद पिछले दो सालों से पेड़ में आम लग रहे हैं. सिलप्रिया तोपनो ने बताया कि पिछले वर्ष पहली बार वह मियाजाकी आम को लेकर रांची गयी थीं. जहां एक हजार रुपये प्रति किलो की दर से इसकी बिक्री हुई थी. वहीं अमेरिका रेल पाल्मर के 500 रुपये प्रति किलो के दर से कीमत मिले थे. उन्होंने कहा कि इस बार फसल अच्छी हुई है. जिससे अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है.
पोषक तत्वों से भरी है मियाजाकी
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ आनंद किशोर उरांव ने बताया कि जापान में उगाया जाने वाला मियाजाकी आम अपनी अनोखी गुणवत्ता और पोषक तत्वों के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. इसमें एंथोसायनिन, बीटा-कैरोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी, फोलिक एसिड और पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा को स्वस्थ रखने, आंखों की रोशनी बेहतर करने, दिल को स्वस्थ रखने तथा पाचन तंत्र को मजबूत करने में सहायक माना जाता है.
स्लग ::: मरचा मिशन गांव की महिला किसान सिलप्रिया तोपनो ने किया कमालविटामिन और मिनरल की प्रचुरता बनाती है मियाजाकी आम को खास
