पारंपरिक हातु सभा संघ की बैठक में ग्रामीणों ने की पेसा कानून पर चर्चा

बैठक में पेसा नियमावली, जल, जंगल, जमीन पर अधिकार एवं विकास योजनाओं में अनियमितता आदि विषयों पर चर्चा की गयी.

तोरपा. प्रखंड स्तरीय पारंपरिक हातु सभा संघ के तत्वावधान में गुरुवार को अम्मा, मरचा, उकड़ीमाड़ी एवं उड़ीकेल पंचायत के 26 मौजा के ग्रामीणों की बैठक अम्मापखना बाजार टांड़ में संघ के अध्यक्ष उम्बुलन तोपनो की अध्यक्षता में हुई. बैठक में पेसा नियमावली, जल, जंगल, जमीन पर अधिकार एवं विकास योजनाओं में अनियमितता आदि विषयों पर चर्चा की गयी. झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के लिए जिस तरह के नीति नियम बनाये जा रहे हैं, उसे संवैधानिक प्रावधानों के अनुकूल नहीं कहा जा सकता है. उन्होंने कहा कि कानूनी अधिकारों के क्रियान्वयन पर भी सरकार गंभीर नहीं है. तोरपा के प्रमुख रोहित सुरीन ने कहा कि सरकार द्वारा जो विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजना का समुचित लाभ प्राप्त करने के लिए पारंपरिक ग्राम सभा को सक्रिय होना होगा. हातु मुंडा संघ, रनिया के अध्यक्ष सुरेश कोनगाड़ी ने कहा कि सुनियोजित साजिश के तहत पारंपरिक ग्राम सभा को कमजोर करने के लिए सरकार द्वारा ग्राम प्रधान व्यवस्था थोपने का काम किया गया है. सामाजिक कार्यकर्ता बेनेदिक्त नवरंगी ने कहा कि झारखंड सरकार पेसा नियमावली पर स्वयं अपनी पीठ थपथपा कर आदिवासियों को दिग्भ्रमित करने का काम कर रही है. बैठक को मसीहदास गुड़िया, जोन जुरसेन गुड़िया, इम्मानुएल तोपनो, अनसेलेम भेंगरा, रेजन तोपनो, लेदवा पाहन, सुशील तोपनो, पौलुस तोपनो, अलेक्सियुस भेंगरा, नन्दू भेंगरा, रतिया पाहन, अमरदीप बरूवा, हाबिल तोपनो, श्याम मुंडा,बरथोलमियुस आईन्द आदि ने भी विचार रखे.

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Published by: Satish sharma

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