लोहरा जाति के साथ भेदभाव कर रही राज्य सरकार : बालमुकुंद

आदिवासी लोहरा समाज केंद्रीय कमेटी का एक दिवसीय अधिवेशन रविवार को संयोजक सदस्य के प्रमुख भीमसेन लोहरा की अध्यक्षता में सरना धर्म अगुवा छुनकु मुंडा के सरना सिंगबोंगा में पूजा कर की गयी.

आदिवासी लोहरा समाज केंद्रीय कमेटी का एक दिवसीय अधिवेशन प्रतिनिधि, खूंटी आदिवासी लोहरा समाज केंद्रीय कमेटी का एक दिवसीय अधिवेशन रविवार को संयोजक सदस्य के प्रमुख भीमसेन लोहरा की अध्यक्षता में सरना धर्म अगुवा छुनकु मुंडा के सरना सिंगबोंगा में पूजा कर की गयी. सरना धर्म अगुवा चुनकु मुंडा ने कहा कि लोहरा 32 आदिवासी में से एक है जिनका खतियान में लोहार दर्ज है. सरकार को इनका समाधान करना चाहिए. आदिवासी मुख्यमंत्री है फिर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं. केंद्रीय संयोजक सदस्य बालमुकुंद लोहरा ने कहा कि सरकार लोहरा जाति के साथ भेदभाव कर रही है. सभी जिलों में खतियानी लोहार ही लोहरा है जो आदिवासी है. जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने में जांच के नाम पर भटकाया जाता है. बहुत लोहरा भूमिहीन हैं, जिनका ग्राम सभा के अनुशंसा के बाद भी जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है. प्रोफेसर शिव प्रसाद लोहरा ने सबको उच्च शिक्षा करने पर जोर दिया. अभय भुटकुंवर ने कहा कि संगठन ही समाज को दिशा सुधार सकता है. इसलिए सब एकजुट होकर सरकार को घेरने का आह्वान किया. खूंटी जिला में जितना भी लोहरा है उनका खतियान मे लोहार दर्ज है. जिसका भूमि को बदज की धारा 46 के परमिसन के बाद हर हाल मे जमीन का रजिस्ट्री सुनिश्चित हो. मौके पर मुख्य रूप से प्रीतम सांड लोहरा, महावीर लोहरा, शंभू शंकर गुरु, अशोक लोहरा, रामब्रिंकच लोहरा केडी गुरु, बजरंग लोहरा, उमेश लोहरा, आश्रित इंदवार, रामसरण लोहरा, रिडा लोहरा, रंजीत लोहरा, मोहनराम लोहरा, देवनाथ माघइया, सीता, मिलू भेंगरा, धुमेश लोहरा, सूरज तिर्की बलराम लोहरा सहित अन्य उपस्थित थे.

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By CHANDAN KUMAR

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