हादसे में गोपाल, सुमिता व गीता की मौत के बाद मातम
डकरा : मंगलवार को सड़क दुर्घटना में जान गवाने वाले गोपाल यादव, सुमिता कुमारी और गीता कुमारी शव बुधवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद चूरी कॉलोनी लाया गया. कॉलोनी के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल था. गोपाल यादव चूरी कॉलोनी के दामाद थे.
उसके गांव से माता-पिता समेत कई रिश्तेदार चूरी पहुंचे. किसी तरह अंतिम कर्मकांड करा कर शवयात्र निकाली गयी. मानकी सपही नदी घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया. मौके पर बड़ी संख्या में कॉलोनी के लोग मौजूद थे.
वार्ता में हुआ निर्णय 24 घंटे में बदल गया
मंगलवार को घटनास्थल पर अपनी राजनीति चमकाने वाले एक भी नेता अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने आये. यही नहीं मंगलवार की वार्ता में हुआ निर्णय 24 घंटे के भीतर ही बदल गया. वार्ता में निर्णय हुआ था कि कॉलोनी से ट्रक नहीं जायेगा, लेकिन सुबह से ही कॉलोनी में ट्रकों की आवाजाही जारी थी. शवयात्र में भी एक ट्रक घुस आया था. इससे आक्रोशित लोगों ने चालक की पिटाई कर दी. बाद उसे हिदायत देकर छोड़ दिया गया.
अंतिम दर्शन करने पहुंचे शिक्षक व छात्रा
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डकरा की 12वीं कक्षा में पढ़नेवाली सभी छात्रा अपनी दोनों सहेलियों के अंतिम दर्शन के लिए चूरी कॉलोनी पहुंची. उनके साथ विद्यालय प्रबंध समिति के एसएन शाहदेव, विशाल सिंह सहित कई शिक्षक भी थे. सभी छात्राएं फुट-फुट कर रोने लगी. उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था. कॉलोनी के लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाल कर घर भेजा.
हमेशा साथ रहती थीं दोनों सहेलियां
हमेशा साथ रहने वाली गीता और सुमिता साथ ही दुनिया से भी चली गयी. विद्यालय में कई शिक्षक उन दोनों को सगी बहन समझते थे. दोनों साथ ही स्कूल व टय़ूशन जाती थी. साथ ही खेलती थीं. लोग उनकी दोस्ती का उदाहरण देते थे.
