इटखोरी : पीतिज स्थित आदिम जनजाति बिरहोरों का बिरसा आवास का निर्माण 10 साल में भी पूरा नहीं हुआ़ आवास बनने से पहले ही जजर्र हो गया़ आवास के अभाव में बिरहोर पत्ते से बने कुब्बा में रहने को मजबूर हैं. यही हाल कटुआ व करमा के बिरहोरों का भी है़ इनका आवास भी जजर्र हो गया है़
पीतिज स्थित बिरसा आवास का निर्माण ग्रामीण विभाग विशेष प्रमंडल द्वारा कराया जा रहा था़ इसके अभिकर्ता सहायक अभियंता एमए सिद्दकी थ़े उनका तबादला होते ही निर्माण कार्य बंद हो गया़ कुल 11 बिरसा आवास का निर्माण होना था़ आवास के अभाव में कई बिरहोर अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लिये हुए हैं. कई बिरहोर पलायन भी कर चुके हैं.
