ग्रामीण मछलीपालन कर बनें स्वावलंबी: अलका

खूंटी : जिला मत्स्य कार्यालय में मछुआरा दिवस के अवसर पर गोष्ठी आयोजित की गयी. इसमें मत्स्य बीज उत्पादक, मत्स्य विक्रेता आदि ने भाग लिया. गोष्ठी में पारसनाथ महतो, मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक एवं मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक ने विभिन्न योजना की जानकारी दी. मछुआरों के लिए वेद व्यास आवास योजना, नया तालाब निर्माण योजना, प्रशिक्षित मत्स्य […]

खूंटी : जिला मत्स्य कार्यालय में मछुआरा दिवस के अवसर पर गोष्ठी आयोजित की गयी. इसमें मत्स्य बीज उत्पादक, मत्स्य विक्रेता आदि ने भाग लिया. गोष्ठी में पारसनाथ महतो, मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक एवं मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक ने विभिन्न योजना की जानकारी दी.

मछुआरों के लिए वेद व्यास आवास योजना, नया तालाब निर्माण योजना, प्रशिक्षित मत्स्य बीज उत्पादकों को स्पॉन, जीरा एवं मत्स्य आहार उपलब्ध कराना, मत्स्य विपणन योजना के तहत मत्स्य विक्रेताओं द्वारा अनुदान पर अॉटो रिक्शा, स्टाल एवं उपकरण का लाभ प्राप्त करने संबंधी विशेष जानकारी दी गयी. गोष्ठी में जिला मत्स्य पदाधिकारी अलका पन्ना ने बताया की मछुआरों के लिए सरकार बीमित मछुआरों की मृत्यु उपरांत नामित को बीमा राशि देती है.

स्थायी अपंगता की स्थिति में बीमित को भी राशि दी जाती है. गोष्ठी में आये अड़की प्रखंड के मत्स्य कृषक प्रेमानंद मछुआ ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया गया की विभाग से जुड़ने से पहले वे बेरोजगार थे एवं उनका अपना कोई काम भी नहीं था. उन्होंने तालाबों को लीज पर लेकर मत्स्य पालन एवं मत्स्य बीज उत्पादन कर अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार लाया.

मत्स्य अधिकारी ने नेशनल फिसरीज डेवलपमेंट बोर्ड हैदराबाद से मत्स्य विक्रेताओं को अनुदान पर मोपेड, आइस बॉक्स एवं उपकरण आदि देने की योजना के तहत लाभ लेने की सलाह दी. उन्होंने जल के संचयन करने का अनुरोध किया.

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