कृमि मुक्ति दिवस का उद्घाटन करते हुए डीडीसी ने कहा
खूंटी : शरीर को स्वस्थ रखना है तो शरीर में मौजूद कृमि का नाश करना होगा. कृमि शरीर को दुर्बल व अस्वस्थ बनाता है. क्योंकि हम जो भोजन करते हैं, उसका अधिकांश हिस्सा वे ग्रहण कर लेते हैं. शरीर में पौष्टिकता की कमी हो जाती है. ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए विद्यार्थी जरूर एल्बेंडाजोल टैबलेट का सेवन करें.
यह बातें गुरुवार को डीडीसी अंजलि यादव ने लोयोला स्कूल परिसर में विश्व कृमि मुक्ति दिवस का उद्घाटन करते हुए कही़ उन्होंने कहा कि पबजी एक खतरनाक मोबाइल गेम बनता जा रहा है. धीरे-धीरे छात्र-छात्राओं को इसकी लत लगती जा रही है. इसके कई दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं. कई जगह छात्रों ने खुदकुशी कर ली़ इसलिए छात्र-छात्राएं पबजी मोबाइल जैसे गेम से दूर रहें. जितना हो सके मैदान में खेले जानेवाले खेल ही खेलें. आगे कहा कि आठ फरवरी को पूरे जिले में कृमि मुक्ति दिवस मनाया जायेगा. इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राएं कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खाएं और दूसरों को भी खाने के लिए प्रेरित करें.
उन्होंने छात्र-छात्राओं को कई टिप्स भी दिये. इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व कृमि मुक्ति दिवस का उद्घाटन किया. कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष अर्जुन पहान ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है. इसी से हम अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं. हम जो भी पौष्टिक भोजन करते हैं, उसे पेट में पल रहे कृमि खा जाते हैं. उसे मारने के लिए कृमि नाशक दवा अवश्य खाएं.
डीआरसीएचओ डॉ अजीत खलखो ने कहा कि आठ फरवरी को एक से 19 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलायी जायेगी. छूट जाने पर 14 फरवरी को मॉपॲप दिवस आयोजित कर दवा खिलायी जायेगी. कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से पांच छात्रों को एल्बेंडाजोल की दवा खिला कर अभियान की शुरुआत की गयी. मौके पर सिविल सर्जन डॉ विनोद उरांव, फादर आइजैक खलखो, फादर विपिन खलखो, डीएसइ सुरेश प्रसाद घोष, डॉ अनिल कुमार, डॉ प्रभात कुमार, कानन बाला तिर्की, डॉ अालोक बिहारी, जिला समन्वयक अशोक सिंह, सुनीता दास प्रीति चौधरी, संतोष कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.
