संवाददाता, जामताड़ा: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के काम में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को लेकर निर्वाचन विभाग ने सख्ती दिखाई है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह सचिव के. रवि कुमार ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति केवल निर्वाचन कार्य की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर ही रखी जाए.
जिन शिक्षकों की तत्काल जरूरत नहीं है, उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें मूल विद्यालय में वापस भेजने को कहा गया है, ताकि वे नियमित पठन-पाठन का कार्य कर सकें. विभाग ने स्पष्ट किया है कि SIR का काम संवैधानिक और समयबद्ध है, लेकिन इसके कारण विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए.
जरूरत खत्म होते ही खत्म होगी प्रतिनियुक्ति
निर्वाचन विभाग ने निर्देश दिया है कि SIR कार्य के दौरान शिक्षकों की जरूरत की लगातार समीक्षा की जाए. खासकर दावा-आपत्ति और नोटिस-सत्यापन की अवधि में यह देखा जाएगा कि किन शिक्षकों की वास्तव में आवश्यकता है.
जिन शिक्षकों की निर्वाचन कार्य में तत्काल जरूरत नहीं होगी, उन्हें चुनावी ड्यूटी से मुक्त कर वापस उनके मूल विद्यालय भेजा जाएगा. इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी को कम करने और विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रखने में मदद मिलेगी.
16 सितंबर तक देनी होगी विधानसभा क्षेत्रवार सूची
सभी जिलों में SIR कार्य के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों की विधानसभा क्षेत्रवार सूची मांगी गई है. यह सूची 16 सितंबर की शाम पांच बजे तक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
विभाग इस सूची के आधार पर निर्वाचन कार्य में लगे शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की जरूरत की समीक्षा करेगा.
रजिस्टर में दर्ज होगी प्रतिदिन उपस्थिति
प्रतिनियुक्त शिक्षकों की प्रतिदिन उपस्थिति संबंधित कार्यालय के रजिस्टर में दर्ज की जाएगी. हालांकि SIR कार्य में प्रतिनियुक्ति की अवधि के दौरान शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने से मुक्त रखा गया है.
हर महीने उपस्थिति और अनुपस्थिति का विवरण संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को उपलब्ध कराया जाएगा.
लापरवाही की तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
निर्वाचन विभाग ने प्रतिनियुक्त शिक्षकों को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है. यदि कोई शिक्षक सौंपे गए निर्वाचन कार्य का निष्पादन नहीं करता, लापरवाही बरतता है या जानबूझकर अनुपस्थित रहता है, तो उसके खिलाफ तथ्यात्मक रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
यानी प्रतिनियुक्ति के दौरान निर्वाचन कार्य में लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटकती रहेगी.
स्कूलों की पढ़ाई से नहीं होगा समझौता
विभाग ने कहा है कि SIR 2026 का कार्य संवैधानिक जिम्मेदारी और निर्धारित समय-सीमा से जुड़ा है, लेकिन इसकी वजह से विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए.
निर्वाचन विभाग ने भविष्य में संभव होने पर शिक्षकों को विद्यालय के निर्धारित शिक्षण समय के बाद ही निर्वाचन संबंधी कार्य में लगाने पर जोर दिया है. SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की यह प्रतिनियुक्ति व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी.
