फोटो – 09 फुरकान अंसारी, पूर्व सांसद संवाददाता, जामताड़ा. प्रधानमंत्री द्वारा नागरिकों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कार-पूलिंग करने, ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने, सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की अपील पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. इसे “देश की आर्थिक विफलता का सार्वजनिक स्वीकार” बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यह अपील किसी दूरदर्शी नेतृत्व का नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नाकामी और कमजोर आर्थिक प्रबंधन का प्रमाण है, जब सरकारें सफल होती हैं तो जनता को राहत देती हैं, लेकिन जब सरकारें असफल होती हैं तो जनता से त्याग मांगती हैं. पूर्व सांसद ने कहा कि आज देश का मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और युवा सबसे ज्यादा परेशान हैं. महंगाई लगातार बढ़ रही है, रोजगार घट रहे हैं, छोटे उद्योग बंद हो रहे हैं और ऊपर से सरकार जनता को ही जिम्मेदार नागरिक बनने का पाठ पढ़ा रही है.
महंगाई से टूटी जनता, अपीलों में उलझी मोदी सरकार : पूर्व सांसद
जामताड़ा. प्रधानमंत्री द्वारा नागरिकों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कार-पूलिंग करने, ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने, सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की अपील पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
