कुंजविलास के साथ बनकाटी में संपन्न हुआ हरिनाम संकीर्तन

कलियुग में जीवों की अल्प आयु के कारण उद्धार का एकमात्र उपाय हरिनाम संकीर्तन है. दिन भर में कम से कम एक बार भगवान का स्मरण करना चाहिए.

कुंडहित. प्रखंड के बनकाटी गांव स्थित बजरंगबली मंदिर में रविवार को 16 प्रहर हरिनाम संकीर्तन कुंजविलास व नर नारायण सेवा के साथ संपन्न हुआ. पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला निवासी कीर्तनिया बजंगना दास एवं सहयोगी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की लीला का वर्णन, नृत्य आदि प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया गया. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जीव जगत को शिक्षा देने के लिए विभिन्न लीलाएं की. कलियुग में जीवों की अल्प आयु के कारण उद्धार का एकमात्र उपाय हरिनाम संकीर्तन है. दिन भर अपने कर्म करते हुए कम से कम एक बार सच्चे मन से भगवान का स्मरण करना चाहिए. लीला के क्रम में उन्होंने कहा कि गौरांग महाप्रभु ने जात-पात, ऊंच-नीच के भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि हम सभी सांसारिक जीव को हमेशा सत्कर्म व जीवों के प्रति दया भाव रखना चाहिए. कहा कि सभी जीवों में भगवान का अंश है. कहा कि सुंदर समाज निर्माण के लिए सत्संग व सत्कर्म करना चाहिए. कुंजविलास के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया गया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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