संवाददाता, जामताड़ा. भारतीय रेल के आसनसोल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्टेशनों और रेलवे प्रतिष्ठानों के 16 महत्वपूर्ण स्थानों पर कम्पोस्ट बिन के 18 जोड़े स्थापित किये हैं. यह स्वच्छता और सतत अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. आसनसोल मंडल की इस पहल का उद्देश्य स्रोत स्थल पर ही जैव-निम्नीकरणीय अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण को बढ़ावा देना है, जिससे एक स्वच्छ, हरित और अधिक स्वच्छ रेलवे वातावरण बनाने में योगदान मिल सके. कम्पोस्टिंग प्रणाली को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह बचे हुए भोजन, सब्जियों के छिलके और बगीचे के अपशिष्ट जैसे जैव-निम्नीकरणीय कचरे को एक प्राकृतिक और नियंत्रित प्रक्रिया के माध्यम से जैविक खाद में इसे परिवर्तित किया जा सके. इसमें गीले कचरे का व्यवस्थित पृथक्करण, सूखी सामग्री के साथ परत बनाना और हवा के संचार तथा सूक्ष्मजीवों की सहायता से अपघटन की प्रक्रिया शामिल है, जिससे प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित होती है. इस पहल के तहत आसनसोल, दुर्गापुर, अंडाल, सीतारामपुर, बराकर, मधुपुर, जसीडीह, बैद्यनाथधाम, देवघर, बासुकीनाथ, दुमका, रानीगंज, पांडवेश्वर और जामताड़ा सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर दो-दो कम्पोस्ट बिन स्थापित किए गए हैं. यात्री अब स्टेशनों और रेलवे परिसर में उपलब्ध कराए गये विशेष ””हरे कूड़ेदानों”” में ही बचे हुए भोजन, सब्जियों के छिलके और बगीचे के अपशिष्ट जैसे जैव-निम्नीकरणीय कचरे का निबटान करेंगे.
आसनसोल मंडल ने स्टेशनों पर किये कम्पोस्ट बिन स्थापित
जामताड़ा. आसनसोल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्टेशनों और रेलवे प्रतिष्ठानों के 16 महत्वपूर्ण स्थानों पर कम्पोस्ट बिन के 18 जोड़े स्थापित किये हैं.
