भागलपुर : बंगाली मियां पिछले 35 सालों से शहर में रिक्शा चला रहा था. पैसेंजर के लिए तो वह सिर्फ एक रिक्शा वाला ही था. लंबे वक्त के साथ कुछ लोगों की बीच पहचान बनी तो सिर्फ इतनी कि लोग उसे बंगाली मियां कहने लगे क्योंकि वह बंगाल का रहने वाला था. 35 साल की सर्विस और 60 की उम्र हो जाने के बाद वह सरकारी नौकरी में होता तो रिटायर हो चुका होता. पर अब उसकी सेवा हमेशा के लिए समाप्त हो गयी. वह दुनिया छोड़ गया. गरीबी से लड़ते-लड़ते ठंड से हार गया बंगाली मियां.
कड़ाके की ठंड ने उसकी जान ले ली. शनिवार की सुबह अंतिम सांस लेने से कुछ देर पहले भी बंगाली मियां पैसेंजर को छोड़ने गया था. बंगाली मियां की मौत कई सवाल उठाती है. रात के अंधेरे में चंद कंबल बांट कर कैमरे के फ्लैश में खुद के चेहरे को चमकाने वालों के लिए एक सवाल छोड़ गया बंगाली मियां. मोजाहिदपुर इंस्पेक्टर ने बताया कि बंगाली मियां भीखनपुर के किसी युनूस के गैरेज में रहता था. उसके शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है. 72 घंटे तक उसकी शव को पहचान के लिए रखा जायेगा. पहचान हुई तो ठीक नहीं तो पुलिस ही उसके शव का अंतिम संस्कार करा देगी.
