शहादत पर संकल्प लेने की जरूरत
झामुमो महिला मोरचा जिलाध्यक्ष पार्वती को दी गयी श्रद्धांजलि, विधायक ने कहा
मिहिजाम : झामुमो के दिवंगत महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष स्वर्गीय पार्वती मरांडी की 7वीं पुण्यतिथि के मौके पर झामुमो कार्यकर्ताओं ने उन्हें नमन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए. कानगोई स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आये नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दिवंगत नेत्री के तसवीर पर माल्यार्पण किया तथा दो मिनट का मौन रख उनके आत्मा के शांति की कामना की. कार्यक्रम में बोलते हुए पार्टी के नाला विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवीन्द्रनाथ महतो ने पार्वती मरांडी के जिले में महिला संगठन को जीवित करने में महत्वपूर्ण योगदान पर चर्चा की. कहा : उनके शहादत दिवस पर संकल्प लेने की आवश्यकता है,
जिससे पार्टी संगठन के तौर पर ओर ज्यादा निखर कर सामने आ सके. विधायक ने वर्तमान सरकार के कामकाज की आलोचना कर कहा कि जमीन अधिग्रहण का मसला इसके ताबूत में आखिरी कील साबित होगा. पार्टी एसपीटी एवं सीएनटी एक्ट में संशोधन को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. यदि ऐसा होता है तो जन आंदोलन के लिए तैयार हैं. सरकार पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है. कृषि योग्य जमीन के नेचर में परिवर्तन का कानून बना कर इसके अधिकार डीसी का देने की तैयारी की गयी है, ताकि पूंजीपति जितना चाहे जमीन आदिवासी से अधिग्रहण कर सके. सरकार को विस्थापन के दर्द का एहसास नहीं है. जमीन का चार गुणा मूल्य देने की बात कही जा रही है. सिद्धो-कान्हु, चांद-भैरव के द्वारा अंगरेजों के साथ जमीन की रक्षा के लिए लड़ी गयी. लड़ाई के परिणाम का फल एक्ट है. इसमें होने वाला परिवर्तन आदिवासियों को ठगने का षड्यंत्र है. पार्टी के जिलाअध्यक्ष श्यामलाल हेंब्रम ने कहा कि जमीन ही आदिवासियों की पूंजी और बैंक है. सरकार इसे ही छीन लेना चाहती है. चिरेका मैथन, पंचेत के निर्माण में विस्थापन का दंश झेलने वाले की सुधी आज कोई नहीं लिया है. सरकार के पास इसका कोई आंकाड़ा नहीं है. नोटबंदी से केंद्र ने गरीबों की जमा पूंजी अपने पास रख ली है. लोग 50 दिनों बाद भी अपना धन पाने के लिए परेशान हैं. पेसा कानून के तहत पंचायत चुनाव हुए लेकिन मुखिया के पास अधिकार नहीं है. आरोप लगाया कि आरएसएस के लोगों को सरकार पंचायतों में मॉनीटरिंग का काम सौंपने जा रही है. राज्य सरकार सरना एवं आदिवासियों के बीच विभेद पैदा चाहती है. सरकार यदि सीएनटी एसपीटी एक्ट में परिवर्तन करती है तो सूबे को गृहयुद्ध का सामना करना पड़ेगा. तीव्र विरोध होगा, खरसावां पहला उदाहरण है आगे भी यह जारी रहेगा. मंच संचालन पार्टी के नगर अध्यक्ष प्रो कैलाश प्रसाद साव ने किया. मौके पर जिला परिषद सदस्य अनीता टुडू, मदन मरांडी, महिला मोरचा जिलाध्यक्ष रीता महतो रवींद्रनाथ दूबे, बंटू आइजक, विश्वनाथ मंराडी, माखोनी हेंब्रम, सुलेखा राय, आन्नद टुडू, बलदेव राय, लखींद्र मरांडी, विजय भंडारी सहित कई लोग उपस्थित थे.
