जामताड़ा : कुंडहित प्रखंड के अमलादही पंचायत में मनरेगा के डोभा निर्माण में घोटाले को लेकर शुक्रवार को सीपीआइ के प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. सौंपे गये ज्ञापन में कहा है कि अमलादही पंचायत में मुखिया एवं कुछ बिचौलिया मिलकर मनरेगा योजना 2016-17 के बिना डोभा का निर्माण कराये ही फरजी मास्टर रोल भरकर लाखों रुपये का गबन किया गया है.
सीपीआई के जिला सचिव कन्हाई माल पाहाडि़या ने कहा कि इसके पूर्व भी ग्रामीणों का हस्तारयुक्त आवेदन एवं लाभुक धनपति घोष ने लिखित आवेदन देकर उपायुक्त से जांच की मांग किया गया था, लेकिन अभीतक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. श्री पाहाडि़या ने कहा कि लाभुक को पता नहीं कि उनकी जमीन पर डोभा निर्माण की स्वीकृति मिली है. जब लाभुक को जानकारी मिली तो बिचौलिया से बात किया, तो बिचौलिया ने कहा कि वे अकेले पैसा नहीं खाया है. मुखिया, रोजगार सेवक मिलकर पैसा लिया है.
बिचौलिया ने कहा कि जहां शिकायत करनी है करो. उन्होंने कहा कि 29 नंवबर को अमलादही पंचायत के सोनाचुरा गांव के लाभुक धनपति घोष ने डीसी को लिखित आवेदन देकर शिकायत की थी. धनपति घोष की जमीन पर डोभा निर्माण की स्वीकृति मिली थी, जो उन्हें पता नहीं था. जब पता चला कि डोभा का सेंकशन हुआ था. मुखिया और बिचौलिया ने फरजी मास्टर रोल भरकर पैसा उठा लिया. डोभा की योजना संख्या 98/2016-17 में फरजी तरीके से मास्टर रोल भरकर 12 हजार 24 रुपए की निकासी कर लिया.
अमलादही पंचायत के दलाबड़ गांव के जयदेव रवानी ने भी शुक्रवार को डोभा घोटाले को लेकर उपायुक्त को लिखित आवेदन दिया. दिये गये आवेदन में लिखा है कि उन्हें जानकारी दिये बिना ही उनकी जमीन पर डोभा का सेंकशन कराकर मुखिया एवं बिचौलिया ने 18 हजार 36 रुपए की निकासी फरजी तरीके से कर लिया. लिखा है कि मनरेगा से उनकी जमीन पर मंगराइडीह गांव के स्वपन रवानी ने डोभा का सेंकशन कराकर मुखिया रूपलाल हांसदा की मिली भगत से 18 हजार 36 रुपए की निकासी कर लिया है. जब बिचौलिया स्वपन रवानी से डोभा निर्माण कराने की बात कहा तो श्री रवानी ने निर्माण करने से साफ इंकार कर दिया.
कहा कि जिसे कहना है कह दो. कहा कि वे अकेले पैसा नहीं खाया है. मुखिया और रोजगार सेवक मिलकर पैसा खाया है. जब मुखिया और रोजगार सेवक को पैसा की बात कहा तो डोभा निर्माण करा देने की बात कही. बाद में फिर डोभा निर्माण करने से इंकार कर डांट डपट कर भगा दिया गया. आवेदन में लिखा है कि रुपए जून माह में ही निकासी कर लिया है. लाभुक ने मुखिया, रोजगार सेवक तथा बिचौलिया पर कारवाई करने की मांग की है.
