साक्षात्कार . जामताड़ा की नयी आरक्षी अधीक्षक जया रॉय ने प्रभात खबर से कहा
अनवर हुसैन
जामताड़ा : जामताड़ा एसपी का पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ जया रॉय ने अपना रुख साफ कर दिया है. कहा है कि जिले में कहीं भी अवैध कारोबार नहीं होने दिया जायेगा. साथ ही साइबर क्राइम की काली छाया को इस जिले से हटाने का पूरा प्रयास किया जायेगा. इस क्राइम में भटके युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ कर जामताड़ा जिले को नयी पहचान दी जायेगी. पुलिस व पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जामताड़ा जिले में अपराध पर पूरा कंट्रोल किया जायेगा. एसपी डॉ रॉय ने शुक्रवार को अपनी योजना को प्रभात खबर के साथ साझा किया. प्रस्तुत है उनसे बातचीत के मुख्य अंश.
प्रश्न . कैसे बंद होगा अवैध कारोबार?
उत्तर : जिले में अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है. अवैध कारोबारियों पर पुलिस पूरी तरह सख्त रवैया अपनायेगी. कहीं से भी कोई जानकारी मिलती है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी. सभी थाना प्रभारियों को कह दिया गया है, ऐसी कोई भी भनक नहीं मिलनी चाहिए. वरना उनपर भी कार्रवाई तय है. जहां भी कोयला व पत्थर का अवैध कारोबार हो रहा है उसकी जानकारी जुटा रही हूं. इसकी सूची बना कर सुनियोजित तरीके से पुलिस अपना काम करेगी. कहीं भी अवैध कारोबार नहीं होने दिया जायेगा.
प्रश्न : संताल परगना के बारे में क्या कहेंगे?
उत्तर : संताल परगना की जमीन से मैं पूर्व से ही जुड़ी हुई हैं. उनकी शिक्षा दीक्षा साहिबगंज से हुई है. वहां के संत जेवियर्स स्कूल से उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की है. इसके बाद माता-पिता ने उन्हें पढ़ने के लिए उत्तराखंड के मसूरी शहर में भेज दिया गया है. यहां की सभ्यता संस्कृति से मैं भली भांति परिचित हूं.
प्रश्न : उच्च शिक्षा कहां से प्राप्त की?
उत्तर : मसूरी से 12वीं पास करने के बाद पांडिचेरी चली गयी. वहां से मैंने मेडिकल की पढ़ाई पूरी की.
प्रश्न : मेडिकल से पुलिस विभाग में कैसे आयीं?
उत्तर : मुझमें समाज सेवा की भावना शुरू से थी. मेडिकल व पुलिस विभाग में काफी समानता है. दोनों ही पब्लिक की सेवा से जुड़ी हैं. मेडिकल की पढ़ाई के वक्त ही मैंने सिविल सर्विसेस में जाने की ठान ली थी. बस मेहनत व लगन का साथ लिया और आइपीएस बन गयी.
प्रश्न : पूर्व के कुछ अनुभव बतायें?
उत्तर : जामताड़ा में योगदान के पहले मैं सीआइडभ् में थी, इसके पहले कुछ दिन रांची की सीटी एसपी भी रही. यहां मैंने काफी कुछ सीखा है. जिसे हर दिन अपने अनुभव को इम्प्लीमेंट करने की कोशिश करती हूं.
प्रश्न : कैसे रुकेगा साइबर क्राइम ?
उत्तर : जामताड़ा में योगदान के बाद सबसे बड़ी चुनौती साइबर क्राइम से लड़ना है. इस जिले पर साइबर क्राइम की काली छाया को हटाने का पूरा प्रयास करूंगी. इससे पहले मैं रांची में साइबर सेल में काम कर चुकी हैं. साइबर पुलिस स्टेशन में भी काम करने का मौका मिला है.
वहां के कामगार अनुभवों को जामताड़ा में उतारने का प्रयास करूंगी. साइबर का कोई जुरीडिक्शन नहीं होता. कहीं से भी बैठ कर अंजाम दिया जा सकता है. करमाटांड़ में कुछ जुबेनाइल भी इस अपराध से जुड़ चुके हैं. इस अपराध को जड़ से मिटाने के लिए समाज की भागीदारी अहम है. समाज के सपोर्ट के बिना साइबर को खत्म करना मुश्किल है. लेकिन पुलिस साइबर को पकड़ कर जेल भेज कर सजा दिलवा सके यही सबसे बड़ी बात होगी. तभी साइबर के दिल में खौफ पैदा होगा.
प्रश्न : जामताड़ा में अबतक पुलिस लाइन नहीं बनी?
उत्तर : पुलिस लाइन की क्या समस्या है. जमीन एपलब्ध है या नहीं देखना पड़ेगा. पुलिस लाइन के लिए हेड क्वार्टर को भी सूचना है. जल्द से जल्द पुलिस लाइन बने इसके लिए पहल की जायेगी.
प्रश्न : नये वर्ष के लिए क्या संदेश देना चाहेंगीं?
उत्तर : आनेवाला नया वर्ष सबके लिए अच्छा हो, लोग खूब मस्ती करें, स्वस्थ रहें यही कामना करती हूं. लेकिन शराब पीकर हुड़दंगी करें, इसे बिल्कुल बरदाश्त नहीं किया जायेगा.
