जामताड़ा : रघुवर सरकार द्वारा एसपीटी एवं सीएनटी एक्ट के विरोध में सीपीआइएम के अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य महासचिव कॉमरेड सुरजीत सिन्हा ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि झारखंड राज्य में भ्रष्ट अफसरान, जमीन माफिया तथा काॅरपोरेट गठबंधन की सरकार है. कहा कि कानून की धारा 49,21 एवं एसपीटी एक्ट की धारा 13 को परिवर्तन करने का जो विधेयक विस में बिना बहस के तीन मिनट में पास कराया, वो बहुत ही निंदनीय है. कहा कि यह लोकतंत्र का अपमान है. श्री सिन्हा ने कहा कि विशेष कानूनों की संवैधानिक रक्षा कवज को दरकिनार करते हुए तानाशाही तरीके से राज्य के आदिवासी,
दलित एवं पिछड़े रैयतों की जमीन के उपर एक जबरदस्त हमला है. इस हमले की जिद में कृषि योग्य जमीन को गैर कृषि कार्य इस्तेमाल की आड़ में कारपोरेटों को जमीन देने का काम किया है, जो इस इलाके में पांचवीं अनुसूची का खिलाफ है. श्री सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2007 में सुप्रिम कोर्ट ने पेशा कानून के संबंध में फैसला दिया था,जो पेशा कानून को विनाश करने का एक सोची समझी साजिश है.उन्होंने कहा कि गुजरात की तरह झारखंड में भी पुलिसिया राज कायम करने का एक षडयंत्र है.
जमीन की मुआवजा की मांग को लेकर झारखंड राज्य में रैयतों को मौत दी जा रही है. बड़का गांव में जमीन अधिग्रहन में मुआवजा की मांग को लेकर चार रैयतों की मौत हुई. गोला में पावर प्लांट में मुआवजा एवं नौकरी की मांग को लेकर सरकार गोली चलवा कर दो रैयतों को मौत की घाट उतार दिया. खुंटी में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोली से अब्राहम मुंडा की मौत तथा दो लोगों के घायल को सरकार की मंशा को साफ करती है. मौके पर अशोक भंडारी, सचिन राणा, अनुप सर्खेल, दिप्तमी मंडल मौजूद थे.
