सलानपुर में यात्री बस से 2.41 करोड़ लॉटरी जब्त

बंगाल-झारखंड सीमा पर कल्याणेश्वरी पुलिस ने एक यात्री बस से 2.41 करोड़ रुपये मूल्य के अवैध लॉटरी टिकट जब्त किए हैं। ये लॉटरी टिकट झारखंड के धनबाद जिले के मैथन से आ रहे थे, जबकि पश्चिम बंगाल में डियर लॉटरी वैध है और उसका प्रिंटिंग व वितरण केवल बंगाल तक सीमित है। पुलिस ने जांच में बताया कि यह काला कारोबार एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट द्वारा संचालित था। टिकटों को आसनसोल होते हुए सिउड़ी भेजा जाना था। मामले में संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं। चुनाव के दौरान इस अवैध लॉटरी का उपयोग भुगतान बांड के रूप में किया जा सकता था, जिससे चुनाव बाद कैश कराया जाता। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

झारखंड से बंगाल तक फैला काला कारोबार, कल्याणेश्वरी पुलिस ने खोली पोल प्रतिनिधि, मिहिजाम पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी के बीच शनिवार को बंगाल-झारखंड सीमा पर सलानपुर थाना की कल्याणेश्वरी फांड़ी पुलिस ने एक यात्री बस से भारी संख्या में लाॅटरी के टिकटों को जब्त किया है. जब्त लाॉटरी टिकटों की कीमत 2 करोड़ 41 लाख 20 हजार रुपये आंकी गयी है. बरामद लॉटरी डियर पश्चिम बंगाल में वैध है, लेकिन यह झारखंड के धनबाद जिला के मैथन से आ रही थी. इससे पश्चिम बंगाल सरकार को राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है, जो सीधे विकास कार्यों को प्रभावित करता है. बताया कि मैथन से आसनसोल को जा रही मिनी बस कृपामय (डब्ल्यूबी 37सी 5476) को चेकनाका पर जांच के लिए रोका गया. बस की तलाशी में नौ पेटियों में रखे 1108 बंडल बरामद किये गये. प्रत्येक बंडल में 500 पीस अवैध लाॅटरी टिकट थे. बताया जा रहा है कि लॉटरी की खेप को आसनसोल के रास्ते सिउड़ी जाने वाली बस में लोड करना था. जांच में अवैध काले कारोबार के पीछे एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का हाथ होने के बात सामने आयी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, लॉटरी की छपाई और संचालन झारखंड के मैथन और निरसा क्षेत्र से किया जा रहा था. आसनसोल में लॉटरी की खेप को कथित तौर पर किसी पोलटू सिंह नामक व्यक्ति को रिसीव करना था. यहां से जामुड़ीया, रानीगंज और दुर्गापुर के विभिन्न डीलरों को पहुंचाता था. पुलिस को जांच में बस के कंडेक्टर से मिले एक संदिग्ध नंबर की पड़ताल करने पर किसी रोहित तिवारी का नाम सामने आया. पश्चिम बंगाल में डियर लाॅटरी वैध है और सरकार को राजस्व देती है, लेकिन इसका प्रिंटिंग व विक्रय क्षेत्र केवल पश्चिम बंगाल है. अवैध लॉटरी की खेप को चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है. चर्चा है कि चुनाव के दौरान इस अवैध लॉटरी का इस्तेमाल पेमेंट बांड के तौर पर किसी को भुगतान के रूप में दिया जा सकता था. जिसे चुनाव के बाद कैश करवाया जा सके.

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Author: JIYARAM MURMU

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