अभियान का उद्देश्य राज्य को शत-प्रतिशत साक्षर बनाना
Jamshedpur News :
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में असाक्षरता उन्मूलन की दिशा में कदम उठाया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों और स्कूल के प्रिंसिपलों को निर्देश जारी कर 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के सभी असाक्षर व्यक्तियों की पहचान और स्वयंसेवी शिक्षकों (वीटी) के चयन के लिए विद्यालय स्तर पर सर्वेक्षण कार्य शुरू करने का आदेश दिया है. इस अभियान का उद्देश्य राज्य को शत-प्रतिशत साक्षर बनाना है, जिसके लिए उल्लास ऐप के माध्यम से 100 प्रतिशत ऑनलाइन सर्वेक्षण सुनिश्चित किया जायेगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि यह सर्वेक्षण शिशु गणना के साथ-साथ किया जायेगा. स्कूलों को अपनी पोषक क्षेत्रों में असाक्षरों की पहचान करनी होगी और उनकी जानकारी ऐप पर अपलोड करनी होगी. स्वयंसेवी शिक्षकों के रूप में ऐसे साक्षर व्यक्तियों का चयन किया जायेगा, जिन्होंने कम से कम कक्षा आठ तक की पढ़ाई पूरी की हो. इसमें शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्रों, उच्च शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, शिक्षित गृहणियों, नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाइकेएस), एनसीसी और एनएसएस के सदस्यों को प्राथमिकता दी जायेगी. पत्र में उल्लेख किया गया है कि स्कूल इस कार्यक्रम की मूल इकाई है. सर्वेक्षण पूरा होने के बाद असाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों का टैगिंग-मैचिंग किया जायेगा, जिसके आधार पर गांव/टोला स्तर पर जन चेतना केंद्र और साक्षरता केंद्र संचालित किये जायेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
