ओलचिकी लिपि के 100 साल पूरे, संताली टैलेंट सर्च में दिखा युवाओं का हुनर, 348 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा

ओलचिकी लिपि की शताब्दी वर्षगांठ पर संताली टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें 348 युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. यह प्रतियोगिता संताल समाज की नई पीढ़ी को भाषा, संस्कृति और पारंपरिक व्यवस्था से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है.

जमशेदपुर : ओलचिकी लिपि की शताब्दी पूरी होने के अवसर पर रविवार को संताली भाषा और संस्कृति को समर्पित संताली टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया. सोशियो इकोनॉमी एंड रिसर्च सेंटर, रामगढ़ के तत्वावधान में आयोजित परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला. घाटशिला कॉलेज हॉल और राजनगर स्थित आरसीएम पब्लिक स्कूल में बने दो परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में परीक्षा संपन्न हुई.

355 ने कराया था रजिस्ट्रेशन, 348 परीक्षार्थी परीक्षा में हुए शामिल

परीक्षा नियंत्रक राजकुमार मार्डी ने बताया - दोनों केंद्रों पर कुल 355 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें 348 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए. पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला कॉलेज केंद्र पर 200 में से 195 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी. यहां डॉ. रजनी कांत माण्डी सहायक परीक्षा नियंत्रक की भूमिका में रहे. वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर स्थित आरसीएम पब्लिक स्कूल केंद्र पर 155 में से 153 परीक्षार्थी शामिल हुए. यहां डॉ. फुदान चन्द्र सोरेन सहायक परीक्षा नियंत्रक रहे.

हर साल आयोजित की जाएगी परीक्षा

संस्था के संस्थापक डॉ. सत्यनारायण मुर्मू ने बताया कि ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने की खुशी में शुरू की गयी यह परीक्षा अब हर वर्ष आयोजित की जाएगी. इसका उद्देश्य संताल समाज की नई पीढ़ी को भाषा, संस्कृति और पारंपरिक व्यवस्था से जोड़ना है. साथ ही ओलचिकी लिपि को जन-जन तक पहुंचाकर समाज को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है.

10 सितंबर को रिजल्ट, 13 को मेधावियों का सम्मान

संताली टैलेंट सर्च परीक्षा का परिणाम 10 सितंबर 2026 को जारी किया जाएगा. सफल विद्यार्थियों को 13 सितंबर को राजनगर में आयोजित सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा. प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को साइकिल दी जाएगी. चौथे से 10वें स्थान तक के विद्यार्थियों को स्टडी टेबल, 11वें से 15वें स्थान तक स्कूल बैग और 16वें से 20वें स्थान तक लंच बॉक्स प्रदान किया जाएगा. सभी सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र भी मिलेगा. इसके अलावा शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों व बुद्धिजीवियों को भी सम्मानित किया जाएगा.

शैक्षणिक प्रतियोगिताएं नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की दिशा दे रही

वीक्षक भुजंग टुडू ने कहा - शिक्षा के अभाव में समाज लंबे समय तक पीछे रहा, लेकिन इस तरह की शैक्षणिक प्रतियोगिताएं नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की दिशा दे रही हैं. परीक्षा में भुजंग टुडू, सत्य रंजन सोरेन, माझिया बास्के, हाराधन माण्डी, हरेन्द्र टुडू, सुधीर चन्द्र मुर्मू, पीतांबर हांसदा, डुमका मुर्मू, विशान मार्डी, निहार प्रधान, चुनाराम सोरेन, चाम्पा मुर्मू और शाम्भु सोरेन ने वीक्षक की भूमिका निभाई. डॉ. सत्यनारायण मुर्मू ने समाज के लोगों से 13 सितंबर को राजनगर में होने वाले सम्मान समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की.


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लेखक के बारे में

By दशमत सोरेन

दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.

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