गुरुद्वारा, मस्जिद, चर्च व मंदिर मार्ग से होकर गुजरा नगर कीर्तन, विभिन्न समुदायों को जोड़कर अंतर धार्मिक सद्भाव का दिया संदेश
Jamshedpur News :
सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह के 359वें प्रकाश पर्व को समर्पित भव्य नगर कीर्तन रविवार को रिफ्यूजी कॉलोनी से साकची गुरद्वारा तक आयोजित किया गया. आजादी के बाद सबसे पहले बसी व्यवस्थित कॉलोनी से 79 साल बाद निकले नगर कीर्तन को लेकर सिख संगत में काफी उत्साह देखने को मिला. 11 बजे निकले नगर कीर्तन टुइलाडुंगरी गुरुद्वारा, गोलमुरी मस्जिद, टिनप्लेट तौक, गोलमुरी चर्च, श्री बजंरग बली मंदिर गोलमुरी, पुलिस लाइन शहीद स्थल, बुढ़िया माइ मंदिर, टुइलाडुंगरी दुर्गापूजा मैदान से होकर हावड़ा ब्रिज से गुजरकर शाम सवा चार बजे साकची गुरुद्वारा पहुंचा. पालकी साहिब को साकची गुरुद्वारा पहुंचने में छह बज गये, जिसका वहां पहले से मौजूद संगत ने भव्य तरीके से स्वागत किया. नगर कीर्तन की आरंभता के वक्त श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सुशोभित करते हुए पालकी साहिब में मत्था टेकने के लिए सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू, अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हिदायत खान, गौ रक्षा समिति के उपाध्यक्ष राजू गिरि, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, समाजसेवी शिव शंकर सिंह, सनातन उत्सव समिति के संरक्षक चिंटू सिंह, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह, भाजपा नेता कुलवंत सिंह बंटी, सतबीर सिंह सोमू, विधायक संजीव सरदार के भाई तरुण सरदार समेत काफी संख्या में प्रबुद्धजन पहुंचे. सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, चेयरमैन शैलेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, पटना तख्त के महासचिव इंदरजीत सिंह, गुरुचरण सिंह बिल्ला, सुखदेव सिंह बिट्टू, सुखबीर सिंह राजू, अमरीक सिंह, दमनप्रीत सिंह, इंदर सिंह, सिमरन भाटिया, कमलजीत कौर गिल, कमलजीत कौर, दलबीर कौर, रविंदर कौर समेत अन्य संगत ने अरदास के साथ ही नगर कीर्तन की शुरुआत की.श्री गुरु गोविद सिंह के प्रकाश पर्व को समर्पित नगर कीर्तन में शामिल पालकी साहिब के दर्शन करने, मत्था टेकने और प्रसाद ग्रहण करने के संगत की लाइन लगी रही. बोले सो निहाल-सतश्रीअकाल”” के जयकारों से शहर गूंज उठा जबकि ””वाहो-वाहो गोविंद सिंह जी… आपे गुरु आपे चेल्ला, पिवो पाहुल खंडे धार होए जनम सुहेला””…सरवंश दानिया वे देणा कौन दऊगा तेरा””…””मित्र पिआरे नूं हाल मुरीदां दा कहिणा…,कलगियावाले गोविंद सिंह जी.. बाजा वाले गोविंद सिंह जी…. आदि शबद नगर कीर्तन के दौरान गूंजते रहे.रिफ्यूजी कॉलोनी गुरुद्वारा से सुबह 11 बजे प्रारंभ हुआ कीर्तन नये मार्ग से गुजरते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों को छूता रहा, जहां जगह-जगह तोरण द्वार सजाये गये थे. पालकी साहिब, जो गेंदा और गुलाब के सुगंधित फूलों से अलंकृत थी, के आगे पंज प्यारे, परंपरागत परिधान में थे. स्त्री सत्संग सभा की सभी इकाइयां पूरे उत्साह से शामिल हुईं, जहां महिलाओं ने कीर्तन में भाग लेकर सिख धर्म में नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया.नौजवान सभा के युवाओं ने ट्रैफिक कंट्रोल की जिम्मेदारी बखूबी संभाली, जबकि पांच गतका टीमों टेल्को, साकची, मानगो, रिफ्यूजी कॉलोनी और टुइलाडुंगरी ने अपने हैरतअंगेज करतब दिखाये. गतका टीमों के प्रदर्शन ने संगत को अचंभित कर दिया. कीर्तन के पीछे कदमा की टीम ने सड़क की सफाई कर लोगों को पर्यावरण जागरुकता का पाठ पढ़ाया, जो सिख धर्म की ””सेवा”” की भावना को जीवंत करती है.सीजीपीसी के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन से शहर में धार्मिक सद्भाव और एकता को मजबूती मिली है और आने वाले वर्षों में इसे और भव्य बनाया जायेगा.
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