झारखंड में लगेगा देश का पहला हाइड्रोजन ईंधन उद्योग, TSPL लगायेगा प्लांट, सीएम हेमंत ने दी मंजूरी

फैक्ट्री में हाइड्रोजन इंजन बनने की नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जायेगा. इस इकाई में 310 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेंगे.

जमशेदपुर में देश का पहला हाइड्रोजन ईंधन उद्योग लगेगा. इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंजूरी दे दी है. इस पहल के बाद देश में हाइड्रोजन ईंधन से भी वाहन चलेंगे. टाटा मोटर्स लिमिटेड एवं कमिंस इंक यूएसए के संयुक्त उपक्रम टीएसपीएल ग्रीन एनर्जी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (टीजीइएसपीएल) के साथ हाइड्रोजन ईंधन उद्योग लगाने के प्रस्ताव पर सीएम ने मंजूरी दे दी है. कंपनी कुल 354.28 करोड़ रुपये निवेश करेगी.

बताया गया कि फैक्ट्री में हाइड्रोजन इंजन बनने की नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जायेगा. इस इकाई में 310 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेंगे. जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार की उद्योग नीति 2021 के मेगा प्रोजेक्ट में इसे शामिल किया जायेगा. इस इकाई में 310 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेंगे.

हाइड्रोजन ईंधन भविष्य की ऊर्जा है

हाइड्रोजन ऐसा ईंधन है, जिसकी क्षमता अन्य ईंधनों की अपेक्षा अधिक होती है. इसका एनर्जी लेबल अधिक होता है. यह सस्ता और हल्का होता है. ऐसे में पेट्रोल और डीजल के बीच इसे एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है. हाइड्रोजन ईंधन से प्रदूषण को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. गौरतलब है कि ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग किया जाता है. ब्रह्मांड में हाइड्रोजन के असीमित स्रोत हैं. इसे भविष्य की ऊर्जा मानी जा रही है.

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