प्रमुख संवाददाता, जमशेदपुर
ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट के प्रवक्ता सरफराज हुसैन ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से रांची कार्यालय में मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा. इसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही तथा मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गयी है.ज्ञापन में आशंका जतायी गयी है कि इस प्रक्रिया से अल्पसंख्यक, आदिवासी, मूलवासी, अनुसूचित जाति, महिलाओं और सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. फ्रंट ने मांग की है कि व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाये, नाम हटाने से पहले अनिवार्य रूप से नोटिस और सुनवाई का मौका दिया जाये तथा ग्राम व वार्ड सभा की सहभागिता बढ़ाई जाये. साथ ही खतियान और वंशावली जैसे पारंपरिक दस्तावेजों को प्रमाण के रूप में स्वीकार करने की भी अपील की गयी है.
फ्रंट ने स्पष्ट आग्रह किया कि एसआइआर को नागरिकता सत्यापन प्रक्रिया में न बदला जाये. इसके अलावा, जिला-वार दैनिक पारदर्शिता बुलेटिन जारी कर सत्यापन, दावों-आपत्तियों और संभावित विलोपन के आंकड़े सार्वजनिक करने का अनुरोध किया गया है, ताकि सभी संगठन प्रक्रिया की स्वतंत्र निगरानी कर सकें. सरफराज हुसैन ने उम्मीद जताई कि निर्वाचन आयोग संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को प्राथमिकता देगा.
