झारसुगुड़ा: झारसुगुड़ा जिलाधीश कार्यालय परिसर स्थित डीएमएफ ऑडिटोरियम में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बाल संरक्षण क्षेत्र से जुड़े विभिन्न लाभार्थियों के लियेआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं डिजिटल साक्षरता विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला शुक्रवार को आयोजित की गई. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से बाल संरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुदृढ़ और सक्रिय बनाना था.
इस कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुनंद महाराणा, जिला खेल अधिकारी अमृत आचार्य, अनुमंडलीय सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कृष्णाकेशी बलियारसिंह, जिला परिषद के आईटी प्रोग्राम अधिकारी प्रसन्न दास, डीएसपी (आईयूसीएडब्ल्यू) मंदा हांसदा, एनआईसी के डीआईओ तारिणी प्रधान, डीजीएम सुनीता पटेल तथा बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष संयुक्ता महापात्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
प्रशिक्षण शिविर में बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क, वन स्टॉप सेंटर (सखी), बाल गृह, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट, सीडीपीओ, डीएसडब्ल्यूओ अनुभाग के कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम के सदस्यों ने भाग लिया.
कार्यशाला में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जिम्मेदार एवं सुरक्षित संचालन, दैनिक कार्यों की गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट तैयार करने तथा बाल संरक्षण एवं किशोर न्याय संबंधी जागरूकता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही बाल संरक्षण के क्षेत्र में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए डिजिटल माध्यमों और जनजागरूकता अभियानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया.
