घाटशिला : माओवादी सेंट्रल कमेटी के सदस्य असीम मंडल को 17 सितंबर को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे उस दिन पूर्वी मेदनीपुर जिला मुख्यालय में रखी. दूसरे दिन लेकर कोलकाता हेड क्वार्टर चली गयी. अदालत में प्रस्तुत कर रिमांड पर लिया और फिर एसटीएफ मुख्यालय में रख कर उसके पूछताछ की जा रही है. असीम मंडल की गिरफ्तार के ठिक दो दिन बाद 19 सितंबर को पूर्वी मेदनीपुर के सालबनी थाना क्षेत्र के गुप्त रूप से रह रहे नक्सली दंपति समीर महतो उर्फ मंगल और उसकी नक्सली पत्नी मालती मुर्मू को भी एसटीएफ ने गुप्त रूप से उठाया. पर अब तक इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है.
बंगाल-झारखंड सीमावर्ती इलाकों में ऑपरेशन चला रही पुलिस
खबर है कि पुलिस अब समीर को साथ लेकर बंगाल- झारखंड सीमावर्ती इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही है. उसके निशान देही पर असीम मंडल और मंगल एवं मालती के हथियार बरामद करने की कोशिश जारी है. जब पुलिस ने असीम मंडल को गिरफ्तार किया तो उसके पास हथियार नहीं था. मंगल और मालती के पास भी हथियार नहीं मिला है. सभी झारखंड के दलमा से घाटशिला के बीच किसी जंगल-पहाड़ में अपने हथियार छिपाकर और नक्सली वर्दी उतार कर आम ग्रामीण बनकर बंगाल की ओर चले गये थे.
तीनों के हथियार जब्त करना चुनौती
पर पुलिस के समक्ष तीनों के हथियार जब्त करना चुनौती है. तीनों की गिरफ्तारी हुई है. सरेंडर नहीं. इसलिए तीनों पुलिस को कितना सहयोग करेंगे यह समय बतायेगा. हालांकि सूचना है कि पुलिस असीम मंडल से संगठन के बारे में सूचना जुटा रही है. झारखंड-बंगाल के जंगलों में कहां क्या है. इसके बारे में पूछताछ कर रही है. अब तक बंगाल पुलिस झारखंड के किसी जंगल और पहाड़ में नहीं पहुंची है. सीमा से सटे अपने राज्य की सीमा के बीहड़ों में तलाशी जारी है. हालांकि बंगाल पुलिस इस संबंध में कुछ बोलने से बच रही है.
