आफताब हत्याकांड का खुलासा: दो महिलाओं समेत पांच गिरफ्तार, दो नाबालिग भी पकड़े गए

जमशेदपुर के बर्मामाइंस में आफताब आलम की हत्या का खुलासा, कंटेनर यार्ड पर कब्जे के लिए सात आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने हथियार और बाइक बरामद की।

जमशेदपुर: बर्मामाइंस कैरेज कॉलोनी में आफताब आलम की हत्या के मामले में पुलिस ने दो महिला समेत पांच को गिरफ्तार किया है. साथ ही दो नाबालिगों को भी पकड़ा है. जिसमें शहबाज उर्फ भोंदू, उसकी मां अंगूरी बेगम, बहन आसमा परवीन के अलावा मो. रेहान उर्फ अब्दुल रेहान और शेख रहीम समेत दो नाबालिग शामिल हैं. गिरफ्तार अंगूरी बेगम और उसकी बेटी आसमा परवीन को पुलिस ने गुरुवार को जेल भेज दिया था.

जबकि शहबाज उर्फ भोंदू, मो. रेहान और शेख रहीम को शुक्रवार को जेल भेजा गया है. शुक्रवार को केस का उद्भेदन करते हुए सिटी एसपी ललित मीना ने बताया कि गिरफ्तार शहबाज उर्फ भोंदू , रेहान समेत दो नाबालिग को बर्मामाइंस स्थित बैचिंग प्लांट के पास से गिरफ्तार किया गया. उनकी निशानदेही पर फायरिंग में प्रयुक्त एक देसी पिस्तौल के अलावा दो जिंदा गोली और एक मैगजीन बरामद की गयी है.

इसके अलावा फायरिंग के बाद भागने में प्रयुक्त की गयी दो मोटरसाइकिल (जेएच05ईए 8066 और जेएच05बीजे 2902) को जब्त किया गया है. उन्होंने बताया कि इस मामले में अबतक की जांच में यह पाया गया है कि आफताब की हत्या का मुख्य कारण कंटेनर यार्ड में चल रहे काम पर कब्जा करना था. पूर्व में मो. शाहरुख के पिता कंटेनर यार्ड में काम करते थे. लेकिन बाद में आफताब समेत उसके साथी द्वारा काम किया जा रहा था.

इसके अलावा आफताब थाना की शांति समिति में शामिल था, जबकि हत्यारोपी नशीले पदार्थ का धंधा करते थे. इस कारण उन्हें लगता था कि आफताब उनके रास्ते का कांटा है. आफताब को गोली शहबाज उर्फ भोंदू और रेहान ने ही मारी थी. इस मामले में पूर्व में मो. समद और शाहरुख की पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. हत्याकांड में अभी भी कुछ लोग फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिये पुलिस छापेमारी कर रही है.

मालूम हो कि गत 2 अगस्त की रात बाइक सवार बदमाशों ने बर्मामाइंस कैरेज कॉलोनी निवासी आफताब आलम की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

फायरिंग के बाद मंझगांव समेत ओडिशा में बाइक से घूमता रहा भोंदू

इधर, पुलिस की जांच व पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि आफताब आलम की गोली मारकर हत्या करने के बाद मुख्य आरोपी शहबाज उर्फ भोंदू और रेहान मोटरसाइकिल से ही मंझगांव गया. उसके बाद मोटरसाइकिल से ही वह ओडिशा के अलग-अलग जगहों में घूमता रहा. इसके बाद वह वापस शहर पहुंचा, तो पुलिस को उसकी भनक लग गयी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. शहबाज के खिलाफ पूर्व से भी केस दर्ज है.

बर्मामाइंस रेलवे यार्ड में मोहम्मद आफताब आलम की हत्या के बाद कंटेनर यार्ड की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. अपराधियों की गतिविधियों और किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) की तैनाती की गयी है. हत्या के बाद यार्ड में काम करने वाले मजदूरों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है.

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2022 में माल ढुलाई का काम कंटेनर यार्ड में स्थानांतरित होने के बाद संचालन को लेकर कई पक्षों के बीच विवाद सामने आया था. कंटेनर यार्ड पहले भी चोरी और विवाद की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है. वर्ष 2025 में यहां माल चोरी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें दो वाणिज्यिक अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई थी. एक अन्य अधिकारी ने बाद में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था. अब आफताब आलम की गोली मारकर हत्या के बाद यार्ड की सुरक्षा व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में है.

सूत्रों की मानें तो यार्ड में करीब 300 से अधिक मजदूर काम करते हैं. कुछ मजदूरों का कहना है कि विवाद और हिंसक घटनाओं के कारण काम के दौरान भय का माहौल बना रहता है और कई श्रमिक काम पर आने से भी कतराते हैं.


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By Shyam narayan jha

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