छह माह में साइबर थाने में 250 से अधिक केस दर्ज, अधिकांश का खुलासा नहीं
जमशेदपुर : डिजिटल दौर में तकनीक ने जहां एक ओर लोगों का काम सरल कर दिया है तो दूसरी ओर यही आम लोगों और पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही है. तकनीक का दुरुपयोग का साइबर ठग लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. हर दिन साइबर थाने में नये-नये तरीकों से ठगी के केस सामने आ रहे.
पहले साइबर चोर बैंक अधिकारी बनकर एटीएम कार्ड का डिटेल हासिल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे लेकिन अब उन्होंने तकनीकी का इस्तेमाल कर ऐसे तरीके इलाज कर लिये है जिसमें बिना किसी से कोई डिटेल जाने की लोगों के खाते से राशि की निकासी कर ली जा रही है. इसके अलावा कुछ ऐसे भी मामले सामने आये है जिसमें ऑर्डर सामान की जानकारी के लिए कंपनी की साइट पर उपलब्ध नंबर पर कॉल करते ही लोग ठगी का शिकार बना लिये गये. बिष्टुुपुर स्थित साइबर थाने में हर दिन औसतन ऐसे दो से तीन मामले आ रहे हैं.
सीधी से बात यह है कि साइबर अपराधी तेजी से तकनीकी के मामले में अपडेट हो रहे है और पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनते जा रहे. पुलिस एक मामले का अनुसंधान शुरू करती है तब तक साइबर चोर दो अन्य लोगों को शिकार बना चुके होते हैं. पिछले छह माह में 250 से ज्यादा ठगी के मामले सिर्फ जमशेदपुर साइबर थाने में दर्ज किये गये है.
शुक्रवार को साइबर थाने में आये तीन मामले : बिष्टुपुर साइबर थाने में शुक्रवार को तीन अलग-अलग ठगी के मामले दर्ज कराये गये. इनमें से एक को नौकरी के नाम पर तो दो लोगों को ऑनलाइन सामान का ऑर्डर देने और जानकारी लेने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया.
तीनों मामले में पीड़ितों को 80 हजार से ज्यादा की राशि हड़प ली गयी. बारीडीह के रोहित शर्मा से नौकरी के नाम पर 33 हजार रुपये ठग लिये गये. कदमा की विनीता कुमारी ने एक ऑनलाइन मार्केटिंग साइट से कपड़े का ऑर्डर किया था. कपड़े की डिलिवरी की जानकारी के लिए जब उन्होंने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया, तो ठग ने झांसे में लेकर उनके बैंक अकाउंट का डिटेल पूछा और 25 हजार की निकासी कर ली. तीसरा मामला सुंदरनगर के संजय प्रसाद का था.
उन्होंने भी ऑनलाइन ऑर्डर किये सामान की जानकारी लेने के लिए कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया था. उनके खाते से ठग ने 32 हजार रुपये की निकासी कर ली.
