जमशेदपुर : बिना आरटीइ मान्यता चल रहे निजी स्कूलों के लिए राहत की खबर है. सोमवार को झारखंड हाइकोर्ट की सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने मान्यता की तय अर्हता पूरी नहीं करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. हाइकोर्ट का यह आदेश झारखंड गैर सरकारी विद्यालय संघ की याचिका पर सुनवाई के दाैरान आया.
दरअसल, झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण के संशोधित अधिनियम के तहत स्कूल संचालन के लिए आरटीइ की मान्यता अनिवार्य किया गया था. इसके लिए जमीन, आधारभूत संरचना, शिक्षकों की योग्यता, प्रशिक्षण, पेयजल व शौचालय, तीन साल की अॉडिट रिपोर्ट जमा करने को कहा गया था. साथ ही स्कूलों के भौतिक सत्यापन के लिए 25,000 रुपये का चालान जमा करना अनिवार्य किया गया था.
शहर के 300 निजी स्कूलों पर बंद होने का था खतरा
झारखंड गैर सरकारी विद्यालय संघ के अध्यक्ष मो. ताहिर हुसैन ने बताया कि जिस प्रकार सरकार की ओर से आरटीइ की अर्हता को पूरा करने को कहा जा रहा है, उस स्थिति में सिर्फ जमशेदपुर में करीब 300 निजी स्कूलों का संचालन बंद हो जायेगा. इससे लाखों बच्चे शिक्षा से वंचित हो जायेंगे. साथ ही लोग बेरोजगार भी होंगे. जिला शिक्षा विभाग की अोर से जारी किये गये इस आदेश के खिलाफ संघ ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी.
