जमशेदपुर : सोनू मिश्रा की शनिवार को स्टार टॉकिज के पास हत्या के बाद एक बार फिर शहर में गैंगवार की आशंका जतायी जा रही है. गैंगवार का प्रभाव जुगसलाई, बागबेड़ा, परसुडीह, बर्मामाइंस का क्षेत्र रहने की बात कही जा रही है. लेकिन सोनू के कई आपराधिक साथी शहर के अन्य हिस्सों में रहने के कारण दूसरे क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जतायी जा रही है.
बताया जाता है कि सोनू मिश्रा अौर रंजीत-संजीत साव गिरोह के बीच वर्षों पहले से दुश्मनी चल रही है. सात-आठ साल पहले बर्मामाइंस सुनसुनिया गेट के पास रंजीत पर हमला किया गया था, जिसमें सोनू मिश्रा अौर उसके साथियों का नाम आया था.
इसके बाद से दुश्मनी चल रही थी, लेकिन पिछले दिनों मन्ना महतो, डब्ल्यू मिश्रा द्वारा गुदड़ी बाजार में रंजीत साव-संजीत साव के पिता को गोली मारी थी, जिसके बाद से दोनों गिरोह के बीच दुश्मनी तेज हो गयी है.
सूत्रों के अनुसार मन्ना महतो, डब्ल्यू मिश्रा, सोनू मिश्रा समेत उसके गिरोह के साथी रंजीत-संजीत को ठिकाने लगाने की तैयारी में थे, दूसरी अौर पिता पर हमले का घटना से रंजीत-संजीत गिरोह भी बदला लेने की तैयारी में था अौर अपराधियों से सोनू मिश्रा की हत्या करवा दी.
सोनू को मारने की फिराक में कई दिनों से संजीत-अजीत घूम रहे थे. आठ वर्ष पूर्व दुश्मनी को लेकर संजीत-रंजीत और सोनू मिश्रा के बीच चल रहे गैंगवार को लेकर पिछले कई दिनों से दोनों अपने साथियों के साथ मिलकर सोनू मिश्रा की हत्या के फिराक में थे.
शनिवार को कोर्ट में हाजिरी देने पहुंचने की पक्की खबर मिलने के बाद उसकी बर्मामाइंस में हत्या कर दी गयी. सोनू के सहयोगियों में अनूप चक्रवर्ती, बंगाली, अभिजीत के अलावा अभी मन्ना महतो व कुछ अन्य लोग भी जुट गये हैं. सूत्रों की मानें तो बागबेड़ा गाढ़ाबासा में रंजीत-संजीत के पिता पर फायरिंग की घटना में शामिल मन्ना महतो व डबलू मिश्रा की मदद सोनू मिश्रा कर रहा था. हत्या का यह भी एक बड़ा कारण हैं. सोनू मिश्रा भी रंजीत-संजीत की हत्या के फिराक में था.
