जमशेदपुर : बारीडीह स्थित मर्सी अस्पताल में 28 अगस्त को नवजात की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई थी. यह खुलासा नवजात की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नवजात के सिर में गंभीर चोट पाये गये हैं. साथ ही सिर में जख्म भी पाया गया है. पोस्टमार्टम विभाग ने नवजात की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सिदगोड़ा पुलिस को सौंप दिया है.
बताया जाता है कि बागबेड़ा कालोनी रोड नंबर-6, मकान नंबर 150 के रहने वाले रमेश कुमार सिंह ने 25 अगस्त को अपनी गर्भवती पत्नी खुशबु कुमारी को प्रसव पीड़ा होने के बाद मर्सी अस्पताल में भर्ती करवाया था. इसके बाद खुशबु ने 26 अगस्त को बच्चे को जन्म दिया था. उस वक्त जच्चा-बच्चा दोनों ठीक थे.
28 अगस्त को डॉक्टर ने बताया कि शाम तक दोनों को डिस्चार्ज कर देंगे, लेकिन 28 अगस्त की सुबह डॉ प्रभाकरण ने बताया कि बच्चे की स्थिति ठीक नहीं है. इसके बाद रमेश ने रेफर करने की बात कही, तो डॉ प्रभाकरण ने मना कर दिया और फिर देर शाम को उन्होंने बच्चे की स्थिति नाजुक बतायी.
फिर थोड़ी देर के बाद मौत की सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया था.
दूध पीने के दौरान हिचकी आने से बिगड़ी थी तबीयत. मर्सी अस्पताल की हेड सिस्टर जस्सी ने घटना के वक्त परिजनों को बताया था कि बच्चा नॉर्मल तरीके से जन्म लिया था. दूध पिलाने के दौरान हिचकी आने से दूध फेफड़ा में चला गया था, जिससे बच्चे की स्थिति गंभीर हो गयी और फिर उसकी मौत हो गयी.
27 अगस्त से ही बिगड़ी थी तबीयत
परिजनों के अनुसार 27 अगस्त की सुबह करीब नौ बजे से ही नवजात ने जोर-जोर से रोना शुरू कर दिया था. उस वक्त सिस्टर को कहने पर उसने कहा था कि पीठ थपथपाने से शांत हो जायेगा. घबराने की कोई बात नहीं है. डॉक्टर ने भी दूध सरकने की बात कह कर इसे नॉर्मल बताया था. मंगलवार की सुबह नवजात को नर्सरी में रेफर किया गया था. उस वक्त दूसरे अस्पताल में रेफर करने की बात कहने पर भी मर्सी के डॉक्टरों ने नवजात को रेफर नहीं किया था और उसी दौरान उसकी मौत की सूचना मिली.
