मेडॉल की जांच भी जरूरी
जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में गरीबों की पैथोलॉजिकल जांच के लिए चयनित मेडॉल के कुछ कर्मी मरीजों की फर्जी पर्ची पर गैर जरूरी जांच दिखा कर भी स्वास्थ्य विभाग से पैसे ले रहे हैं. प्रभात खबर के पास मौजूद दस्तावेज से साबित होता है कि पर्ची पर मनमाने तरीके मरीजों के नाम लिख कर उन्हें सामान्य रूप से बुखार व सिर दर्द से पीड़ित बताया गया और उनके नाम पर कोलेस्ट्रॉल, लिवर, किडनी से संबंधित जांच भी दिखा दी गयी. आर्थो, इएनटी आदि विभागों में भी सामान्य रूप से बुखार व सिर दर्द के मरीजों की इंट्री दिखायी गयी है.
केस-एक : डोबो चांडिल निवासी मोनिका महतो (15) के नाम से सात जुलाई को इएनटी विभाग की पर्ची बनायी गयी. इसमें सूजन, कमजोरी, दर्द व बुखार की शिकायत बतायी गयी. मोनिका के नाम किडनी, लिवर, कोलेस्ट्राल, एचआइवी, विटामिन बी 12, विटामिन डी सहित 13 प्रकार की जांच दिखा कर पैसे वसूले गये.
केस-दो : गोलमुरी निवासी गुरूपदो प्रमाणिक (61) के नाम पर पांच जुलाई को आर्थो विभाग की पर्ची बनायी गयी. इसमें शरीर में दर्द, कमजोरी व सूजन की शिकायत दिखायी गयी. गुरूपदो प्रमाणिक के नाम पर भी किडनी, लिवर, विटामिन डी, आर्थराइटिस, लिपिक प्रोफाइल सहित सात प्रकार की जांच दिखा कर पैसे वसूले गये.
केस-तीन : गोलमुरी के ही रहनेवाले शशांक प्रमाणिक (56) के नाम पांच जुलाई को मेडिकल विभाग की पर्ची बनायी गयी. इसमें शरीर दर्द, कमजोरी व सूजन की शिकायत लिखी गयी. जांच के नाम पर एलएफटी, केएफटी, विटामिन डी, लिपिक प्रोफाइल, टीएफटी सहित सात प्रकार टेस्ट दिखा कर पैसे वसूले गये.
