रिक्शा चालक का आधार कार्ड लेकर 17 बैंकों में खुलवाये खाते

जमशेदपुर : अारटीजीएस का फॉर्म बदलकर कई खातों से एक करोड़ की राशि ट्रांसफर करने वाला सुनीत गौतम उर्फ दिलीप कुमार के खिलाफ बिष्टुपुर साइबर थाना में इंस्पेक्टर सह थानेदार श्रीनिवास के बयान पर धोखाधड़ी, जालसाजी व आइटी एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है. इधर, पुलिस को पूछताछ में सुनीत ने […]

जमशेदपुर : अारटीजीएस का फॉर्म बदलकर कई खातों से एक करोड़ की राशि ट्रांसफर करने वाला सुनीत गौतम उर्फ दिलीप कुमार के खिलाफ बिष्टुपुर साइबर थाना में इंस्पेक्टर सह थानेदार श्रीनिवास के बयान पर धोखाधड़ी, जालसाजी व आइटी एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है. इधर, पुलिस को पूछताछ में सुनीत ने बताया है कि वह जमशेदपुर आने के बाद को-ऑपरेटिव कॉलेज में हरि टुडू के पास ठहरता था.
इसके बदले में उसे कुछ राशि भी देता था. उसने बताया कि बैंकों में टेबुल या काउंटर पर छोड़कर चले जाने वाले ग्राहकों के चेक के आरटीजीएस फॉर्म बदलकर वह अपने खातों में रुपये ट्रांसफर करता था. इसके लिए उसने छह खाते खुलवा रखे थे. पहला खाता खूंटी के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में मुकेश कुमार (वास्तु विहार) के नाम से खुलवाया.
दूसरा खाता बैंक ऑफ बड़ौदा हेसांग में दिलीप कुमार के नाम से, तीसरा खाता बैंक ऑफ इंडिया बिरसा चौक रांची में रंजन कुमार (वास्तु विहार), चौथा खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया हिनु शाखा रांची में रंजन कुमार, पांचवां खाता बैंक ऑफ इंडिया टुपुदाना शाखा रांची में रंजन कुमार और छठा खाता अपर बाजार रांची में दिलीप कुमार के नाम से खुलवाया. सभी के एटीएम उसके पास हैं.
इसके अलावा दो माह पूर्व गया जाने के दौरान उसने रिक्शा चालक पिंटू कुमार, पता बगेशरी गुमटी, गया से दोस्ती करने के बाद उसे रुपये का लालच देकर आधार कार्ड ले लिया और फिर जमशेदपुर के 17 बैंकों में पिंटू कुमार के आधार कार्ड में नाम बदल कर विनय कुमार के नाम से खाता खुलवाया. खाता खुलवाते समय पिंटू कुमार प्रत्येक बैंक में सुनीत के साथ जाता था. पिंटू कुमार उर्फ विनय कुमार से दो खाते को छोड़कर बाकी सभी खातों के एटीएम कार्ड अपने पास रखा है.
सबसे पहले ढेड़ वर्ष पूर्व पीएनबी रामगढ़ में किया था फर्जीवाड़ा. सुनीत ने पुलिस को बताया है कि ढेड़ वर्ष पूर्व पंजाब नेशनल बैंक रामगढ़ से एक लाख रुपये का फर्जीवाड़ा उसने किया था. इसके बाद एसबीआइ बिष्टुपुर में 17 फरवरी को सरिता देवी के खाते से पांच लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये ट्रांसफर करा लिया. इस राशि से उसने पीसी ज्वेलर्स से दो लाख का सोना खरीदा. धनबाद के तनिष्क ज्वेलर्स से भी वह दो लाख के जेवर खरीदे और एक लाख रुपये नकद निकाल लिया.
तीसरी ठगी एसबीआइ नामकुम में की. यहां सात लाख रुपये ट्रांसफर करने के बाद तीन लाख रुपये की निकासी की व चार लाख रुपये फ्रीज होने के कारण नहीं निकल सका. पीएनबी बैंक रातु रोड में दो लाख की ठगी की, जिसमें सभी रुपये निकासी कर लिये. बोकारो पीएनबी से नौ लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये ट्रांसफर किया, जिसमें ढाई लाख ही निकाल सका. बैंक ऑफ इंडिया हजारीबाग से मुकेश कुमार के खाते से वह आठ लाख ट्रांसफर कर सारे रुपये की निकासी कर ली.
गिरोह के सदस्यों के नाम
1. पिंटू कुमार, बंगेशरी गुमटी, गया
2. मनोज महतो, बारीडीह
3. ओड़ मांझी, रांची
4. हरि टुडू, को-ऑपरेटिव कॉलेज
5. विनोद कुशवाहा, कांटा टोली, रांची

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