पैसे मांगने पर हेल्थ कार्ड बनानेवाले को बनाया बंधक
जमशेदपुर: सोनारी के दोमुहानी क्षेत्र स्थित बस्तियों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (एनएचआरएम) के तहत हेल्थ कार्ड बनाने के नाम पर हो रही वसूली के विरोध में स्थानीय लोगों ने कार्ड के लिए फोटोग्राफी करने आये लोगों को बंधक बना लिया. वहीं करीब पांच घंटे बाद लोगों ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया. जबकि […]
जमशेदपुर: सोनारी के दोमुहानी क्षेत्र स्थित बस्तियों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (एनएचआरएम) के तहत हेल्थ कार्ड बनाने के नाम पर हो रही वसूली के विरोध में स्थानीय लोगों ने कार्ड के लिए फोटोग्राफी करने आये लोगों को बंधक बना लिया. वहीं करीब पांच घंटे बाद लोगों ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया.
जबकि लोगों का आरोप है कि पुलिस ने उन लोगों को बिना जांच किये छोड़ दिया. इसे लेकर स्थानीय लोगों ने आक्रोश है. लोगों का कहना है कि जिन लोगों से पैसा लिया गया, न तो उन्हें कार्ड दिया गया और न ही किसी प्रकार की कोई रसीद दी गयी. घटना के संबंध में बताया जाता है कि सोनारी दोमुहानी क्षेत्र के सरजामहातू, निर्मलनगर और आसपास के इलाके में एक सूमो पर सवार होकर कुछ लोग पहुंचे.
उन लोगों ने लोगों को बताया कि वे सरकार की ओर से आये हैं. वे लोग हेल्थ कार्ड बना रहे हैं, जिसके जरिये लोगों का मुफ्त इलाज होगा. इसके बाद लोगों की लंबी कतार लग गयी. 30 रुपये से लेकर 50 रुपये तक लोगों से लेकर उनलोगों ने ग्रामीणों की तसवीर खींचनी शुरू की. वहीं इसकी एवज में न तो कोई रसीद दी और न ही यह बताया कि हेल्थ कार्ड कैसे व कब मिलेगा. इस दौरान वहां के सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा नेता चुन्नु भूमिज मौके पर पहुंचे और उसकी सत्यता की जांच की. देखा गया कि तसवीर ले रहे लोगों के पास किसी तरह का कोई दस्तावेज नहीं है. इसके बाद लोगों ने उन्हें बंधक बना लिया. लोगों ने कहा कि वे अपने वरीय पदाधिकारियों को बुलायें. करीब पांच घंटे तक कोई पदाधिकारी नहीं आया. इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने सबको थाना में ले जाकर छोड़ दिया.
हम आधिकारिक एजेंसी के हैं : राकेश
बंधक बनाये गये राकेश कुमार ने बताया कि वे ओड़िशा के रायरंगपुर निवासी हैं. वे लोग हेल्थ कार्ड बनाने के लिए अधिकृत हैं. हेल्थ कार्ड बनाने वाली एजेंसी स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी की ओर से प्राधिकृत कंपनी के हैं. लोगों को यह गफलत हो गयी थी कि वे फरजी हैं. जबकि राकेश ने यह नहीं बताया कि वे रसीद क्यों नहीं दे रहे थे या फिर उनके पास क्या आधार है.
हमने किसी को अधिकृत नहीं किया
सिविल सजर्न डॉ एलबीपी सिंह ने बताया कि हमने किसी को भी अधिकृत नहीं किया है. इस संबंध में मुङो कोई जानकारी नहीं है. हो सकता है कि वह फरजी हो, अगर मामला आयेगा तो हम जरूर देखेंगे.